राजधानी जयपुर में न्यू सांगानेर रोड पर यातायात के दबाव को कम करने और मार्ग विस्तार के मकसद से एक बड़ा प्रशासनिक अभियान शुरू किया गया है। अदालत के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन दस्ते ने सोमवार को सोडाला तिराहे से लेकर गुर्जर की थड़ी के बीच सड़क सीमा में आने वाले ढांचों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस पूरे अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है, जबकि मौके पर करीब दो दर्जन बुलडोजर और पोकलेन मशीनें लगातार काम कर रही हैं। जमींदोज किए जा रहे निर्माणों से निकलने वाले मलबे को तुरंत साफ करने के लिए कई डंपर और ट्रैक्टर भी अभियान में जोड़े गए हैं।
160 फीट चौड़ाई का लक्ष्य और पूर्व में जारी किए गए नोटिस
नियोजन योजना के तहत न्यू सांगानेर रोड को लगभग 160 फीट चौड़ा बनाया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान स्थिति यह है कि मार्ग के कई हिस्सों में सड़क की चौड़ाई महज 100 से 120 फीट तक ही सिमटी हुई है, जिसके कारण आए दिन आवागमन बाधित होता रहा है। इस बाधा को दूर करने के लिए विकास प्राधिकरण ने पूर्व में ही सड़क सीमा में आने वाले निर्माणों और अतिक्रमणों का तकनीकी सीमांकन पूरा कर लिया था। इसी प्रक्रिया के तहत करीब 250 से 260 मकानों और दुकानों के मालिकों को औपचारिक नोटिस थमाए गए थे, जिनमें निर्माणकर्ताओं को सड़क सीमा में आ रहे हिस्सों को सात दिन के भीतर स्वतः हटाने का निर्देश दिया गया था।
मुआवजे की मांग को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष
प्रशासनिक दस्ते द्वारा की जा रही कार्रवाई के बीच प्रभावित कारोबारियों और स्थानीय निवासियों में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। इस दायरे में कई नागरिकों के पूरे मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आ रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका और आवास पर सीधा असर पड़ा है। मौके पर जमा हुए व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि उनकी संपत्तियों को तोड़े जाने से पहले प्रशासन को उचित मुआवजे का प्रावधान करना चाहिए था। नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर दुकानदारों ने अभियान का विरोध करना शुरू कर दिया है। टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है, जबकि मशीनें लगातार ढांचों को ध्वस्त करने में जुटी हैं।
अदालत में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने की समयसीमा
इस पूरी कवायद में तेजी आने की मुख्य वजह न्यायिक समयसीमा है। विकास प्राधिकरण को 6 अक्टूबर को अदालत के समक्ष मामले की अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। रिपोर्ट पेश करने की तारीख से ठीक एक दिन पहले प्रशासनिक अमले ने अपने अभियान को तेज करते हुए तय सीमा तक सड़क को खाली कराने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है। एक तरफ प्राधिकरण निर्धारित चौड़ाई हासिल करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय व्यापारी बिना मुआवजे के पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।


















