हवाई यात्रा के इतिहास में बेहद असामान्य और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक घटना पर खाड़ी देश के शीर्ष नेतृत्व ने सख्त रुख व्यक्त किया है। दुबई से उड़ान भरकर तेल अवीव की तरफ बढ़ रहे वाणिज्यिक यात्री विमान के कॉकपिट में अचानक हुए जानलेवा उपद्रव को यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के प्रमुख सलाहकार अनवर गर्गश ने एक खतरनाक आतंकी कृत्य करार दिया है। इस गंभीर संकट के क्षणों में विमान और उस पर सवार लोगों की जान बचाने वाले भारतीय मूल के मुख्य विमान चालक कैप्टन स्मित मच्छर के अदम्य साहस को उन्होंने दुनिया के सामने एक अनुकरणीय मिसाल के रूप में रेखांकित किया है। यह पहली बार देखा गया है जब खाड़ी प्रशासन के किसी शीर्ष ओहदेदार ने सार्वजनिक मंच पर इस वारदात को सीधे तौर पर आतंकवाद से जोड़ा हो, जबकि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने में जुटी हैं।
संकट के बीच कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी की मिसाल
अमीराती राजनयिक अनवर गर्गश ने X पर लिखा कि इस भारतीय एविएटर ने जिस संयम से एक संभावित महाविनाश को टाला, वह अप्रतिम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्मित मच्छर हर प्रशंसा के पात्र हैं, जिन्होंने भयावह आतंकी कृत्य और भारी तबाही की आशंका के बीच वास्तविक बहादुरी का परिचय दिया। सलाहकार ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब जीवन और मृत्यु का फासला महज कुछ पलों का रह गया था, तब भी कैप्टन का मानसिक संतुलन नहीं डिगा।
गर्गश के अनुसार, भीषण अंधकारमय हालात के बीच अपनाई गई उच्च पेशेवर कार्यशैली ही इस जांबाज पायलट को वास्तविक नायक का दर्जा प्रदान करती है। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर के विश्लेषकों से अपील की कि वे इस मामले में निराधार अफवाहों और मनगढ़ंत धारणाओं में उलझने से बचें। उन्होंने आगाह किया कि क्षेत्रीय स्तर पर पैर पसार रहे चरमपंथ और आतंकी हरकतों का मुकाबला केवल व्यापक चौकसी, परिपक्वता और सटीक जांच पड़ताल के जरिए ही मुमकिन है।
जांच का दायरा और को-पायलट की संदिग्ध पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक तंत्र ने इस पूरे मामले की गहन पड़ताल के आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं। 30 सितंबर की तारीख को आसमान में घटी इस खौफनाक वारदात के पीछे की कड़ियों को जोड़ने के लिए स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ इजरायली खुफिया एवं जांच दल भी लगातार पूछताछ की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। इस बात का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है कि क्या विमान को हवा में ही तबाह करने का कोई पूर्वनियोजित षड्यंत्र रचा गया था।
समानांतर चल रही छानबीन में ओमान के रहने वाले सह-विमान चालक के निजी सामान की तलाशी ली गई, जिसमें फिलिस्तीन समर्थक संगठनों से संबंधित विवादित प्रचार पत्र बरामद होने की बात सामने आई है। आरोपी पूर्व में भी इजरायल विरोधी तर्कों और फिलिस्तीनी हितों की पुरजोर वकालत करता रहा था। हालांकि जांचकर्ताओं का कहना है कि इन शुरुआती जानकारियों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता और हर साक्ष्य को कानूनी तराजू पर परखा जा रहा है।
कट्टरपंथी झुकाव और इजरायली नेतृत्व की प्रतिक्रिया
जांच का मुख्य केंद्र बिंदु यह स्थापित करना है कि क्या आरोपी किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी सिंडिकेट से निर्देश ले रहा था अथवा वह स्वयं ही हिंसक कट्टरपंथ के प्रभाव में इस आत्मघाती कदम की ओर अग्रसर हुआ। इस संबंध में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि संदिग्ध ने कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ था, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी संगठित गुट की सीधी संलिप्तता की पुष्टि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगी।
अमेरिकी मीडिया चैनल फॉक्स एंड फ्रेंड्स के साथ विस्तृत बातचीत करते हुए नेतन्याहू ने केबिन के भीतर की भयावह स्थिति का विवरण साझा किया। उन्होंने जानकारी दी कि उपद्रवी को बेअसर करने के लिए विमानकर्मियों ने हेडफोन के तारों और प्लास्टिक के बंधनों का सहारा लिया था। हिरासत में लिया गया हमलावर कॉकपिट के फर्श पर छटपटाते हुए लगातार चीख रहा था कि उसे गोली मार दी जाए या जान से खत्म कर दिया जाए।
हवा में 16 हजार फीट का अनियंत्रित गोता और जानलेवा संघर्ष
यह संपूर्ण घटनाक्रम 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की नियमित यात्री सेवा FZ1073 में घटित हुआ। यात्रा के मध्य चरण में ओमान निवासी सह-पायलट ने अप्रत्याशित रूप से अपने वरिष्ठ कमांडर कैप्टन स्मित मच्छर पर प्राणघातक हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प के दौरान विमान के नियंत्रण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और जेटलाइनर आसमान से नीचे की ओर तेजी से गोता लगाने लगा।
उपलब्ध तकनीकी आंकड़ों के आधार पर यह ज्ञात हुआ है कि अनियंत्रित स्थिति में विमान लगभग 16 हजार फीट की ऊंचाई बेहद कम समय में खो चुका था। इसी अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थिति के बीच कॉकपिट से तत्काल विमान अपहरण से जुड़ा आपातकालीन कोड प्रसारित किया गया, जिससे क्षेत्रीय हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष में हड़कंप मच गया।
गंभीर घावों के बाद भी नहीं टूटी कैप्टन की हिम्मत
हमलावर के घातक वारों से लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने अपनी सुधबुध नहीं खोई। असहनीय शारीरिक पीड़ा सहते हुए उन्होंने हमलावर को पीछे धकेला और कॉकपिट का सुरक्षित द्वार खोलने में सफल रहे। संकेत मिलते ही केबिन क्रू और यात्रियों ने फुर्ती दिखाते हुए उपद्रवी को पूरी तरह दबोच लिया।
विमान में सौभाग्यवश दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट भी मौजूद थे, जिन्होंने तुरंत मुख्य नियंत्रण कक्ष में पहुंचकर नियंत्रण संभाला। इसके पश्चात विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे की ओर मोड़कर आपातकालीन स्थिति में सकुशल उतार लिया गया, जिससे सैकड़ों मुसाफिरों की जान बाल-बाल बच सकी।


















