भविष्य निधि सब्सक्राइबर अब EPFO के नए व्हाट्सएप चैनल से देख सकेंगे बैलेंस और क्लेम का स्टेटसराजनाथ सिंह ने पीतमपुरा पहुंचकर किए भगवान गणेश के दर्शनमिथुन राशिफल 15 सितंबर: मिथुन राशि वालों को कमाई बढ़ाने का मिलेगा नया अवसर, जानें क्या कहते हैं आपके तारेश्री सीमेंट परियोजना पर मेघालय सरकार से स्पष्टता की मांग, जयंतिया नेशनल काउंसिल ने उठाए सवालबोकारो का सिटी पार्क बना शूटिंग का पसंदीदा केंद्र, पवन सिंह की फिल्म से जुड़ी खास यादेंबारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी का ऐतिहासिक धमाका, भाजपा और कांग्रेस को पछाड़कर हासिल किया पूर्ण बहुमतगुरुग्राम में तेज रफ्तार कार ने स्पोर्ट्स बाइक सवार महिला राइडर को मारी जोरदार टक्कर, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो आने के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआरमेष राशिफल 15 सितंबर: मेष राशि वालों को नए ऑफर्स से मिलेगा लाभ, जानें आज का भाग्यफलवृषभ राशिफल 15 सितंबर: करियर और रिश्तों में संतुलन बनाने का खास दिन, जानें क्या कहती है आपकी राशिगुरुग्राम सड़क हादसे पर कल्याण की सफाई, कहा- बाइकर गैंग कर रहा था परेशान
हिमालयी झीलों के फटने की चेतावनी से नेपाल और चीन में बढ़ा संकट, 400 की मौत और 1400 लापताएशिया
28 अग॰ 2026, 7:11 am (18 दिन पहले)· 4

हिमालयी झीलों के फटने की चेतावनी से नेपाल और चीन में बढ़ा संकट, 400 की मौत और 1400 लापता

नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में भयानक फ्लैश फ्लड के बाद अब दो बैरियर झीलें बनने से अगले 72 घंटे में फिर से तबाही का खतरा मंडरा रहा है।

नेपाल और चीन के सीमावर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इस हफ्ते भोटेकोशी नदी और आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में आई अचानक बाढ़ ने कई गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई है। बचावकर्मी नेपाल के रसुवा जिले से लेकर तिब्बत के इलाकों तक मलबे में जिंदगियां तलाश रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर लगभग 400 हो चुकी है, जबकि 1,400 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। गायब होने वालों में 30 से अधिक देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें 290 भारतीय तीर्थयात्री भी हैं।

दो नदियों के संगम पर बनी खतरनाक बैरियर झीलें

राहत और बचाव कार्यों के बीच चीन और नेपाल की ओर से अगले 3 दिनों के लिए नया रेड अलर्ट जारी किया गया है। दो नदियों के संगम पर पानी रुकने से सीमा के दोनों तरफ विशाल बैरियर झीलें बन गई हैं। अनुमान के मुताबिक इन प्राकृतिक बांधों में लगभग 5,000 करोड़ लीटर पानी जमा हो चुका है। यदि यह पानी अचानक बाहर निकला तो निचले इलाकों में तबाही की दूसरी लहर आ सकती है। चीन ने चेतावनी जारी करते हुए अगले 72 घंटों को नेपाल और तिब्बत के निचले मैदानी इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील बताया है।

ये भी पढ़ें

भारत के सीमावर्ती राज्यों में भी सतर्कता

नेपाल से निकलने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए भारत के पड़ोसी राज्यों को भी सतर्क कर दिया गया है। अगले 48 घंटे उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को तटीय बस्तियों को खाली कराने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन टीमें हालात पर लगातार नजर रख रही हैं।

सवाल-जवाब

नेपाल और चीन सीमा पर क्या नया खतरा पैदा हुआ है?
भूस्खलन के कारण नदियों के संगम पर दो विशाल बैरियर झीलें बन गई हैं, जिनमें लगभग 5,000 करोड़ लीटर पानी जमा हो चुका है और इनके फटने का डर बना हुआ है।
हालिया आई बाढ़ में अब तक कितना नुकसान हुआ है?
बाढ़ और आपदा के कारण लगभग 400 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,400 से अधिक लोग लापता हैं।
अगले कितने घंटे इस आपदा के लिहाज से संवेदनशील बताए गए हैं?
मौसम और आपदा एजेंसियों ने अगले 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है और नया रेड अलर्ट जारी किया है।
क्या इस आपदा में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं?
हाँ, लापता लोगों में 30 से ज्यादा देशों के नागरिकों के साथ-साथ लगभग 290 भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल हैं।
भारत के किन राज्यों में सतर्कता बरती जा रही है?
नेपाल की नदियों के उफान को देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट रखा गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR