जापान की सफल यात्रा संपन्न कर भारत वापस लौटते ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री को पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ और जलप्रलय की जानकारी मिली। प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों परिवारों के बेघर होने और कई लोगों के बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने की दर्दनाक खबरों से व्यथित होकर उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने भगवान बागेश्वर बालाजी के श्रीचरणों में विशेष प्रार्थना की। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने संकट की इस घड़ी में हनुमान दादा से सभी प्रभावितों की रक्षा करने और पीड़ित परिवारों को सहनशक्ति प्रदान करने की गुहार लगाई।
नेपाल में बागेश्वर धाम मंडल का ग्राउंड लेवल पर सेवा कार्य
नेपाल के बिगड़ते हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने वहां मौजूद बागेश्वर धाम मंडल के सदस्यों को बिना किसी देरी के राहत और बचाव अभियानों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों तक तत्काल भोजन, पीने का साफ पानी, आवश्यक दवाइयां और मेडिकल सामग्री पहुंचाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि भारत स्थित बागेश्वर धाम से भी स्वयंसेवकों की समर्पित टीमें सेवा कार्य में हाथ बंटाने के लिए नेपाल पहुंच रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवता की सेवा ही इस समय सबसे बड़ा धर्म है और पूरा बागेश्वर परिवार विपत्ति में घिरे नेपाली नागरिकों के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।
भारत सरकार की ओर से वायुसेना विमान से राहत सामग्री की दूसरी खेप
नेपाल में उत्पन्न मानवीय संकट के बीच भारत सरकार भी पड़ोसी देश की सहायता के लिए लगातार कदम उठा रही है। भारतीय वायुसेना के एक विशेष सैन्य परिवहन विमान के जरिए गुरुवार को राहत सामग्री की दूसरी खेप नेपाल भेजी गई। इससे पहले बुधवार को भारत की तरफ से 10 टन एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री नेपाल रवाना की गई थी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत सरकार और नेपाल सरकार द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त राहत और बचाव अभियानों की सफलता के लिए प्रार्थना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के प्रशासनिक प्रयासों से संकट में फंसे नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सकेगी।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर तबाही का आंकड़ा और 800 से अधिक लापता
बुधवार को नेपाल और तिब्बत सीमा के आसपास के क्षेत्रों में अचानक आई प्रलयंकारी बाढ़ ने व्यापक स्तर पर तबाही मचाई है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण त्रासदी में अब तक 165 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। प्राधिकरण ने अपने बयान में पुष्टि की है कि सीमावर्ती इलाकों में जलप्रलय के बाद से 826 लोग लापता हैं, जिनमें लगभग 580 देशी और विदेशी पर्यटक शामिल हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि नेपाल इस समय अपने इतिहास के अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहा है, इसलिए वैश्विक समुदाय को पीड़ितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।



















