नेपाल में बीते मंगलवार को आई तबाही के बाद अब मौसम की दोहरी मार पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। देश के हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने शुक्रवार को कई इलाकों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। पूरे देश में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है, जिसके कारण नदियों में जलस्तर बढ़ने, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन होने और मलबे के तेज बहाव की आशंका गहराई हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के जमावड़े के कारण अगले 72 घंटे काफी संवेदनशील बने हुए हैं।
मॉनसून ट्रफ की स्थिति और मौजूदा मौसम
मौसम विभाग के विस्तृत आंकड़ों के मुताबिक मॉनसून ट्रफ रेखा इस समय पश्चिमी नेपाल के क्षेत्र में अपनी सामान्य स्थिति से थोड़ी दक्षिण की ओर खिसकी हुई है। इसके विपरीत पूर्वी नेपाल में यह रेखा अपनी औसत ऊंचाई और स्थिति के आसपास केंद्रित है। इस वजह से देश के अधिकांश भूभाग में घने काले बादल छाए हुए हैं और कई प्रांतों में सुबह से ही रुक-रुक कर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा रही है। मैदानी और पहाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में लगातार हो रही इस बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
शुक्रवार दोपहर और रात के लिए पूर्वानुमान
शुक्रवार दोपहर के समय नेपाल भर में मौसम मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा। पहाड़ी तथा पर्वतीय इलाकों के कई हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि तराई के निचले मैदानों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बागमती, गंडकी और कर्णाली प्रांतों के ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों में एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा है। बारिश का यह सिलसिला शुक्रवार रात तक जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें कोशी प्रांत के तराई और पहाड़ी दोनों इलाकों के साथ-साथ बागमती और गंडकी के पहाड़ी इलाकों में तेज वर्षा हो सकती है।
तीन दिवसीय चेतावनी और पांच प्रभावित प्रांत
मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि मॉनसून की यह सक्रियता केवल शुक्रवार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगले तीन दिनों तक बनी रहेगी। इस दौरान कोशी, बागमती, गंडकी, लुंबिनी और कर्णाली प्रांत के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। लगातार तीन दिनों तक होने वाली भारी बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने और बाढ़ जैसी स्थितियां बनने का सीधा जोखिम पैदा हो गया है।
रोजमर्रा के कामकाज और सेवाओं पर संभावित असर
प्राकृतिक जोखिमों को देखते हुए DHM ने ढलान वाले और संवेदनशील इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। भारी वर्षा के कारण मिट्टी का कटान, चट्टानें खिसकने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त खराब मौसम का असर आम नागरिकों की दिनचर्या, कृषि कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन गतिविधियों और पर्वतारोहण अभियानों पर भी पड़ेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सड़कों पर मलबे के कारण यातायात ठप हो सकता है तथा उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हो सकता है, इसलिए सभी नागरिक आधिकारिक निर्देशों पर नजर बनाए रखें।



















