बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में सोमवार दोपहर एक बड़ा सैन्य विमान हादसा पेश आया। पाकिस्तान आर्मी एविएशन से जुड़ा एक मुशशक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट नियमित उड़ान के दौरान अचानक जमीन पर आ गिरा। इस भीषण हादसे के दौरान विमान में सवार दोनों सैन्य पायलटों की मौके पर ही जान चली गई। पाकिस्तानी सेना की ओर से साझा की गई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान पैदा हुई गंभीर तकनीकी खराबी के चलते यह एयरक्राफ्ट अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया।
नवां किल्ली इलाके के पास दोपहर में घटी घटना
सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा दोपहर के वक्त पेश आया, जब मुशशक विमान अपनी अभ्यास उड़ान पर था। क्वेटा के पास स्थित नवां किल्ली इलाके के खुले हिस्से में यह एयरक्राफ्ट तकनीकी दिक्कत की चपेट में आ गया और पायलटों को संभलने का मौका मिलने से पहले ही जमीन से टकरा गया। सेना के आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई है कि इस क्रैश में विमान उड़ा रहे इंस्ट्रक्टर मेजर हसनैन शहजाद हुमायूं और उनके साथ सवार स्टूडेंट कैप्टन अब्दुल समद दोनों की जान चली गई है। घटना के फौरन बाद बचाव और राहत दल मौके पर पहुंचे, लेकिन दोनों पायलटों को बचाया नहीं जा सका।
देश के शीर्ष नेतृत्व ने जताया शोक
इस हादसे पर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों युवा सैन्य अधिकारियों के निधन पर शोक संदेश जारी किए। राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि मेजर हसनैन शहजाद हुमायूं और कैप्टन अब्दुल समद के असामयिक निधन से गहरा आघात पहुंचा है। राष्ट्रपति ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति प्रकट करते हुए इस कठिन घड़ी में परिजनों को संबल प्रदान करने की कामना की।
सैन्य विमानों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
पाकिस्तान में सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जून के महीने में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी एक बड़ा हवाई हादसा देखने को मिला था। उस घटना में सेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर मुजफ्फराबाद की तरफ जा रहा था, जिसमें 21 सैनिक सवार थे। उस वक्त यह बात सामने आई थी कि विद्रोहियों की कार्रवाई के चलते हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ, जिसके चलते उसमें सवार सभी 21 जवानों की जान चली गई थी। हालांकि सेना ने उस समय भी किसी भी विद्रोही हमले से इनकार करते हुए इस पूरी घटना को तकनीकी विफलता ही करार दिया था। क्वेटा में मुशशक एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से एक बार फिर पाकिस्तानी सेना के एविएशन बेड़े के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं।



















