अमेरिका के हालिया मिडटर्म चुनाव परिणामों के बाद तेहरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इन चुनावों में दोनों सदनों के नियंत्रण से जुड़े राजनीतिक समीकरणों और ईरान जंग से जुड़े घटनाक्रमों के बीच ईरानी नेतृत्व ने परिणामों का स्वागत करते हुए दावा किया कि मतदाताओं ने टकराव और संघर्ष की नीति के खिलाफ अपना स्पष्ट जनादेश दिया है।
ईरानी संसद के स्पीकर का बयान
ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी जनादेश पर बात रखी। गालिबाफ ने कहा, "चाहे जमीर की आवाज हो या जीवनयापन की बढ़ती लागत, अमेरिकियों ने युद्ध को ना कहा है और हम इस संदेश का समर्थन करते हैं।" उन्होंने अपने बयान में यह भी रेखांकित किया कि आम नागरिक युद्ध की वजह से बढ़ते आर्थिक दबाव और रोजमर्रा की मुश्किलों से तंग आ चुके हैं।
वाशिंगटन को दी गई चेतावनी
ईरानी स्पीकर ने अमेरिकी प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यदि सत्ता में बैठे लोग जनता की इस स्पष्ट राय के साथ विश्वासघात करते हैं, तो उन्हें बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भविष्य में अमेरिका को अहसास होगा कि जनता की यह ना किसी बुरे सपने की तरह सामने आएगी।
चुनावी हार और ईरान जंग का प्रभाव
मिडटर्म चुनाव के दौरान रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा और दोनों सदनों का नियंत्रण हाथ से निकल गया। डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं ईरान जंग को चुनाव परिणामों में सबसे बड़ा कारक बताया और परिणामों के बाद टिप्पणी की कि वह अब पॉलिटिकल पंडित बनेंगे। न्यूयॉर्क में मतपत्रों की स्कैनिंग संबंधी दिक्कतों और फ्लोरिडा में बाढ़ की वजह से बूथ बदले जाने जैसी चुनौतियों के बीच संपन्न हुए इन चुनावों ने अमेरिकी विदेश नीति और पश्चिम एशिया नीति पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।



















