गोपालगंज में वालिदा की मोहब्बत में बुजुर्ग ने मजार के पास पहले ही तैयार कराई अपनी कब्रईटानगर में किरायेदारों और घरेलू सहायकों के मुफ्त सत्यापन के लिए प्रोजेक्ट सहतम शुरूअटलांटा की पूर्व मेयर कीशा लांस बॉटम्स ने जॉर्जिया में रचा इतिहास, अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनींनेशनल बैंक ऑफ पोलैंड के संभावित ब्याज दर ठहराव से ज़्लॉटी पर दबाव के संकेतयूरोपीय सेंट्रल बैंक के ब्याज दर वृद्धि पथ और अमेरिकी मध्यावधि नतीजों से वैश्विक बाजारों में बड़ा फेरबदलपिता के निधन के बाद सिर पर आया 1 करोड़ का कर्ज, 20 साल मेहनत कर बेटे ने ऐसे चुकाई देनदारीगोविंदगढ़ में पर्यावरण और गोसेवा का अनूठा संगम, दीपावली पर प्रज्वलित होंगे गाय के गोबर से बने 51 हजार दीपछत पर रखी पानी की टंकी को अंदर उतरे बिना चमकाने के कारगर उपायअमेरिकी मिडटर्म नतीजों के झटके से उबरा वॉल स्ट्रीट, नैस्डैक 950 अंक सुधरा और गिफ्ट निफ्टी में 190 अंकों का उछालकार्तिक माह में रम्भा एकादशी और गोवत्स द्वादशी की तिथि, पूजा के मंगलकारी मुहूर्त तथा शहरों में राहुकाल की अवधि
मेनोपॉज के गंभीर लक्षणों पर स्पेन में मिलेगी सवैतनिक मेडिकल लीव, सामाजिक सुरक्षा के नियमों में बड़ा बदलावस्वास्थ्य
4 नव॰ 2026, 6:33 pm (2 मिनट पहले)· 1

मेनोपॉज के गंभीर लक्षणों पर स्पेन में मिलेगी सवैतनिक मेडिकल लीव, सामाजिक सुरक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव

स्पेन की सरकार ने कामकाजी महिलाओं को मेनोपॉज की गंभीर शारीरिक परेशानियों के दौरान सवैतनिक अवकाश देने के नए नियमों को मंजूरी दे दी है। यह विशेष प्रावधान डॉक्टरी जांच और प्रमाणित लक्षणों के आधार पर 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी किया जाएगा।

कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारों को मजबूती देने के लिए स्पेन ने एक ऐतिहासिक कानूनी सुधार को मंजूरी दी है। स्पेन की सरकार ने 20 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया, जिसके तहत रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज के दौरान गंभीर शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझने वाली महिलाओं को विशेष सवैतनिक मेडिकल अवकाश प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के समय बिना वेतन कटौती के आराम करने और इलाज कराने की कानूनी गारंटी देती है।

यह नया श्रम सुधार 1 दिसंबर 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा। नीति निर्माताओं का मानना है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं से जुड़े जैविक और शारीरिक बदलावों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जाता रहा है। स्पेन की सामाजिक सुरक्षा और प्रवासन मंत्री एल्मा साइज ने इस नीति का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा प्रणाली से 1 करोड़ 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं और सरकार उन दिक्कतों का समाधान कर रही है जिनकी अब तक उपेक्षा की जाती रही थी।

ये भी पढ़ें

मेनोपॉज क्या है और शरीर में क्या बदलाव आते हैं

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मेनोपॉज वह प्राकृतिक जैविक पड़ाव है जब महिला के मासिक धर्म हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं और प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की क्षमता समाप्त हो जाती है। इंदिरा आईवीएफ फर्टिलिटी सेंटर के अनुसार, जब किसी महिला को लगातार 12 महीनों तक एक भी माहवारी न आए, यानी पूरे एक वर्ष तक कोई रक्तस्राव या धब्बे न दिखें, तब चिकित्सीय रूप से मेनोपॉज की पुष्टि होती है। यह कोई बीमारी या विकार नहीं है, बल्कि उम्र के साथ महिला शरीर में होने वाला एक स्वाभाविक शारीरिक और हार्मोनल बदलाव है।

अधिकांश महिलाओं में यह पड़ाव 45 से 55 वर्ष की उम्र के दौरान आता है। कुछ महिलाओं में यह 48 वर्ष की आयु में हो सकता है तो कुछ में 55 वर्ष की उम्र में, और दोनों ही स्थितियां पूरी तरह सामान्य मानी जाती हैं। मेनोपॉज के इस स्थायी पड़ाव से पहले एक प्रारंभिक चरण आता है जिसे पेरिमेनोपॉज या प्रीमेनोपॉज कहा जाता है। इसी दौर में शरीर के भीतर हार्मोन में उतार-चढ़ाव होना शुरू होते हैं, जिससे कई तरह के शारीरिक और व्यवहारिक लक्षण प्रकट होने लगते हैं।

प्रीमेनोपॉज के प्रमुख लक्षण और परेशानियां

प्रीमेनोपॉज के दौरान अलग-अलग महिलाओं में लक्षणों की तीव्रता भिन्न हो सकती है। कुछ महिलाओं में ये लक्षण हल्के होते हैं जबकि अन्य में यह दैनिक कामकाज को बुरी तरह बाधित कर देते हैं। इस दौर के मुख्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं

  • माहवारी में अनियमितता: यह अक्सर आने वाला सबसे पहला संकेत होता है, जिसमें पीरियड्स कभी समय से पहले या देर से आते हैं, और रक्तस्राव कभी बहुत हल्का या असामान्य रूप से भारी हो सकता है।
  • हॉट फ्लैश: अचानक शरीर के ऊपरी हिस्से में तेज गर्मी की लहर महसूस होना, अत्यधिक पसीना आना और चेहरा लाल पड़ जाना।
  • रात में पसीना आना: सोते समय अचानक पसीना आने से नींद बार-बार टूटती है, जिससे अनिद्रा की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • मनोदशा में बदलाव: हार्मोन के असंतुलन से चिड़चिड़ापन, बेचैनी, घबराहट और उदासी महसूस होना।
  • शारीरिक असुविधा: योनि में सूखापन आना और शारीरिक संबंध बनाते समय अत्यधिक तकलीफ या दर्द होना।
  • ब्रेन फॉग: किसी कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में गंभीर परेशानी होना और छोटी-छोटी बातें भूलने लगना।
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द: शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों में लगातार जकड़न या दर्द का बना रहना।

किन परिस्थितियों में स्वीकृत होगी विशेष मेडिकल छुट्टी

स्पेन के नए नियमों के अनुसार, मेनोपॉज से गुजरने वाली हर महिला को यह छुट्टी स्वतः ही नहीं मिलेगी। इस सवैतनिक अवकाश का लाभ केवल उन्हीं मामलों में दिया जाएगा जहां लक्षण गंभीर हों और महिला के काम करने की क्षमता को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहे हों। इसके लिए संबंधित महिला को अधिकृत डॉक्टर से विधिवत चिकित्सीय जांच करानी होगी। डॉक्टर ही यह तय करेंगे कि लक्षण इतने गंभीर हैं या नहीं कि उनके रहते कार्य करना संभव न हो।

यदि डॉक्टर चिकित्सीय परीक्षण के बाद यह पाते हैं कि मेनोपॉज से जुड़ी जटिलताओं के कारण महिला अपनी कार्य जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ है, तो वे आधिकारिक मेडिकल अवकाश प्रमाण पत्र जारी करेंगे। कर्मचारियों की सुविधा और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए स्पेन सरकार ने इसमें डिजिटल प्रक्रिया शामिल की है। महिला कर्मचारी को अपनी कंपनी या नियोक्ता को कोई कागजी दस्तावेज या पर्ची जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह मेडिकल प्रमाण पत्र स्वास्थ्य प्रणाली से सीधे सोशल सिक्योरिटी के माध्यम से नियोक्ता को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित कर दिया जाएगा।

वेतन भुगतान और आर्थिक सहायता के नए मानक

स्पेन में सामान्य बीमारियों के लिए मिलने वाली सिक लीव और मेनोपॉज की इस नई विशेष लीव में सबसे बड़ा अंतर भुगतान की शुरुआत को लेकर है। सामान्य बीमारी के मामलों में सिक लीव का आर्थिक लाभ बीमारी के चौथे दिन से मिलना शुरू होता है। इसके विपरीत, मेनोपॉज से जुड़ी इस नई व्यवस्था में महिलाओं को दूसरे दिन से ही आर्थिक भरपाई मिलने लगेगी।

वेतन और भत्ते के विभाजन के नियम इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं

  • प्रथम दिवस का वेतन: अवकाश के पहले दिन का पूरा वेतन संबंधित नियोक्ता यानी कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा।
  • दूसरे से बीसवें दिन तक का भुगतान: अवकाश के दूसरे दिन से लेकर 20वें दिन तक सोशल सिक्योरिटी की ओर से महिला के तय वेतन आधार का 60 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक मदद के रूप में दिया जाएगा।
  • इक्कीसवें दिन के बाद की राशि: यदि अवकाश की अवधि 21वें दिन या उससे आगे बढ़ती है, तो यह वित्तीय सहायता बढ़कर मूल वेतन आधार का 75 प्रतिशत हो जाएगी।

इसके अतिरिक्त, सामान्य बीमारी की छुट्टी के लिए स्पेन के श्रम कानून में एक अनिवार्य शर्त होती है कि कर्मचारी ने पिछले 5 वर्षों के दौरान सामाजिक सुरक्षा कोष में कम से कम 180 दिनों का अंशदान जमा किया हो। मेनोपॉज से जुड़ी इस नई सवैतनिक छुट्टी में सरकार ने 180 दिनों के न्यूनतम अंशदान की इस अनिवार्य शर्त को पूरी तरह हटा दिया है। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई महिला डॉक्टर द्वारा निर्धारित चिकित्सा मानदंडों को पूरा करती है, तो उसे सोशल सिक्योरिटी में उसके पिछले सेवा काल या योगदान के दिनों की परवाह किए बिना यह सवैतनिक लाभ मिलेगा।

कार्यस्थल सुधारों में स्पेन की पिछली नीतियां और यूरोपीय स्थिति

महिला स्वास्थ्य को श्रम अधिकारों से जोड़ने के मामले में स्पेन ने पहली बार कदम नहीं उठाया है। इससे पहले वर्ष 2023 में स्पेन सरकार ने अत्यधिक कष्टदायी मासिक धर्म यानी पेनफुल पीरियड्स से पीड़ित महिलाओं के लिए सवैतनिक मेडिकल छुट्टी का ऐतिहासिक कानून बनाया था। उस समय स्पेन ऐसा अधिकार देने वाला यूरोप का पहला देश बना था। अब 2026 के नए कानून के जरिए मेनोपॉज की गंभीर स्थितियों को भी इसी कानूनी संरक्षण का हिस्सा बना दिया गया है।

वर्तमान में यूरोप के अधिकांश देशों में मेनोपॉज के लिए इस तरह का कोई विशिष्ट सवैतनिक अवकाश प्रावधान मौजूद नहीं है। जर्मनी, इटली, ग्रीस, पुर्तगाल और तुर्की जैसे देशों के श्रम कानूनों में मेनोपॉज से जुड़ी समस्याओं के लिए अलग से कोई विशेष लीव तय नहीं की गई है। इन देशों में महिलाओं को ऐसी स्थिति में सामान्य सिक लीव के सामान्य नियमों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। स्पेन का यह नया फैसला कार्यस्थलों पर महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य को आधिकारिक मान्यता देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

स्पेन में मेनोपॉज के लिए सवैतनिक मेडिकल छुट्टी कब से लागू होगी?
यह नया नियम 1 दिसंबर 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा।
क्या मेनोपॉज से गुजरने वाली हर महिला को यह छुट्टी मिलेगी?
नहीं, यह छुट्टी हर किसी को स्वतः नहीं मिलेगी। इसके लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है, जो यह प्रमाणित करेंगे कि लक्षण इतने गंभीर हैं कि काम करना संभव नहीं है।
छुट्टी के दौरान मिलने वाली रकम का भुगतान कौन करेगा?
पहले दिन की सैलरी कंपनी देगी। इसके बाद दूसरे दिन से सोशल सिक्योरिटी की तरफ से आर्थिक मदद मिलनी शुरू होगी।
मेडिकल लीव के दौरान कितना पैसा मिलेगा?
दूसरे दिन से 20वें दिन तक तय वेतन आधार का 60 फीसदी मिलेगा, और 21वें दिन से यह बढ़कर 75 फीसदी हो जाएगा।
क्या इस छुट्टी के लिए 180 दिनों के सोशल सिक्योरिटी योगदान की जरूरत होगी?
नहीं, सरकार ने इस विशेष लीव के लिए पिछले 5 साल में 180 दिनों के अनिवार्य अंशदान की शर्त पूरी तरह हटा दी है।
क्या महिला को डॉक्टर का पर्चा कंपनी में खुद जमा करना होगा?
नहीं, डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट सोशल सिक्योरिटी के माध्यम से सीधे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कंपनी को भेजा जाएगा।
प्रीमेनोपॉज के प्रमुख लक्षण कौन से हैं?
अनियमित पीरियड्स, अचानक तेज गर्मी लगना, रात में पसीना, मूड में बदलाव, योनि में सूखापन, ब्रेन फॉग और जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं।
यूरोप के अन्य देशों में मेनोपॉज के लिए क्या नियम हैं?
जर्मनी, इटली, ग्रीस, पुर्तगाल और तुर्की जैसे देशों में मेनोपॉज के लिए अलग से कोई विशेष कामकाजी मेडिकल छुट्टी नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp