ईटानगर राजधानी क्षेत्र में जन सुरक्षा को मजबूत करने और अपराधों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से ईटानगर कैपिटल पुलिस ने एक नई सत्यापन पहल की शुरुआत की है। इस विशेष कार्यक्रम को प्रोजेक्ट सहतम नाम दिया गया है, जिसके तहत स्थानीय निवासियों को अपने किरायेदारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों और घरेलू सहायकों की पहचान तथा पृष्ठभूमि की जांच कराने की पूरी सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। मंगलवार को कैपिटल ईटानगर के पुलिस अधीक्षक जुम्मार बसर ने आधिकारिक तौर पर इस सुरक्षा अभियान का शुभारंभ किया।
पायलट चरण और कार्यक्षेत्र
इस सुरक्षा परियोजना को शुरुआत में एक पायलट ड्राइव के रूप में लागू किया जा रहा है। यह प्रारंभिक अभियान 5 नवंबर से 18 नवंबर तक संचालित होगा, जिसमें ईटानगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सेक्टर 1 से लेकर सेक्टर 4 तक के इलाके शामिल किए गए हैं। इस निर्धारित अवधि के दौरान इन चार सेक्टरों में रहने वाले लोग अपने यहां कार्यरत या रहने वाले व्यक्तियों के पहचान पत्र, स्थायी व वर्तमान पते और आपराधिक रिकॉर्ड की निशुल्क जांच करवा सकते हैं।
नाम का अर्थ और अभियान का संदेश
इस पहल का नाम सहतम न्यीशी भाषा से लिया गया है, जिसका स्थानीय अर्थ सुरक्षा या ढाल होता है। पुलिस प्रशासन ने इस पूरे अभियान के लिए 'वेरीफाई बिफोर यू ट्रस्ट' यानी भरोसा करने से पहले सत्यापन करें का नारा तय किया है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के नागरिकों को जागरूक करना है ताकि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने परिसर में जगह देने या रोजगार पर रखने से पहले उसके विवरणों की आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें। पुलिस अधीक्षक जुम्मार बसर ने स्थानीय मकान मालिकों, कारोबारियों और परिवारों से अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि वह अपने घर या कार्यस्थल में किसे प्रवेश दे रहा है। उन्होंने सहतम को शहरवासियों के लिए एक सरल, मुफ्त और स्वैच्छिक सुरक्षा ढाल बताया।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
सत्यापन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पुलिस विभाग ने किरायेदारों, वाणिज्यिक कर्मचारियों और घरेलू सहायकों के लिए अलग-अलग फॉर्म तैयार किए हैं। इच्छुक नागरिक इन फॉर्मों को कैपिटल पुलिस के आधिकारिक फेसबुक पेज पर दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं अथवा सीधे ईटानगर पुलिस स्टेशन जाकर भी प्राप्त कर सकते हैं। आवेदकों को पूरी तरह भरे हुए दो फॉर्म, संबंधित व्यक्ति की तस्वीरें और जरूरी पहचान दस्तावेज संलग्न करके थाने में जमा कराने होंगे।
रिपोर्ट जारी करने की समयसीमा और प्राइवेसी
दस्तावेज जमा होने के बाद पुलिस द्वारा लगभग एक सप्ताह के भीतर सत्यापन रिपोर्ट आवेदक को सौंप दी जाएगी। यह रिपोर्ट व्यक्तिगत रूप से थाने से प्राप्त की जा सकती है या आवेदक को सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाएगी। हालांकि जिन मामलों में दूसरे पुलिस थानों या दूरदराज के क्षेत्रों से रिकॉर्ड और जानकारी मंगवाने की जरूरत होगी, उनमें रिपोर्ट आने में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट सहतम पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसमें शामिल होने वाले व्यक्ति की स्पष्ट सहमति आवश्यक होगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही एकत्र किया गया समस्त डेटा और विवरण केवल अधिकृत पुलिस हिरासत में सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग सिर्फ वैध पुलिस जांच एवं सुरक्षा कार्यों के लिए ही किया जाएगा। पुलिस ने सभी नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से सहयोग की अपील की है ताकि पूरे समुदाय को सुरक्षित बनाया जा सके।
























