असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को 21 वर्षीय छात्रा हिमाश्री बोरो के परिजनों से उनके आवास पर मुलाकात की। आंध्र प्रदेश में इस युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार मामले की तह तक जाने के लिए पूरी मदद करेगी। इस दौरान उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार को विशेष वित्तीय सहायता मुहैया कराने की घोषणा भी की।
जांच के लिए असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भेजे गए
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना को लेकर हिमाश्री के परिजनों और असम की जनता के मन में कई गंभीर सवाल और आशंकाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इन चिंताओं को पूरी गंभीरता से ले रही है और मामले की प्रगति पर खुद नजर रखेगी। इस सिलसिले में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि असम पुलिस के एक आईजीपी स्तर के अधिकारी को पहले ही आंध्र प्रदेश भेजा जा चुका है ताकि स्थानीय जांच दल के साथ समन्वय बनाकर पड़ताल को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि हिमाश्री के माता-पिता जिस दुख से गुजर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी माता-पिता ऐसी क्षति सहन करने के हकदार नहीं होते। मुख्यमंत्री ने परिवार को वचन दिया कि जब तक हर एक सच सामने नहीं आ जाता, तब तक राज्य सरकार इस मामले को पूरी मुस्तैदी से आगे बढ़ाएगी। इसके साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि असम प्रशासन इस समय आंध्र प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय के साथ मिलकर लगातार संपर्क में है ताकि निष्पक्ष जांच अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंच सके।
गुवाहाटी से सांस्कृतिक दल के साथ गई थीं विशाखापट्टनम
हिमाश्री बोरो गुवाहाटी के बी. बरुआ कॉलेज की छात्रा थीं। वह 16 अगस्त को एक 10 सदस्यीय नृत्य दल के साथ विशाखापट्टनम पहुंची थीं, जिसमें दो पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थीं। अपने दौरे के बाद 6 अक्टूबर को उन्होंने वापस असम लौटने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी निर्धारित सिलचर एक्सप्रेस छूट गई। इसके बाद वह रेलवे स्टेशन पर ही रुकी रहीं और रात 11.50 बजे आने वाली लेट चल रही विवेक एक्सप्रेस में सवार होने का फैसला किया।
ट्रेन से लापता होने और शव मिलने का पूरा घटनाक्रम
डिब्रूगढ़ जा रही विवेक एक्सप्रेस में सवार होने के बाद हिमाश्री ने अपने परिवार को मोबाइल संदेश भेजा था। उस संदेश में उन्होंने जिक्र किया था कि उनके डिब्बे में मौजूद कुछ पुरुषों के समूह की वजह से वह खुद को असुरक्षित और खतरे में महसूस कर रही हैं। इस संदेश के कुछ समय बाद ही वह ट्रेन से रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं।
अधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 7 अक्टूबर को विजयनगरम और श्रीकाकुलम रोड के बीच पेनुबार्थी गांव के पास रेलवे ट्रैक के दाहिने हिस्से पर उनका शव बरामद किया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शारीरिक अथवा यौन हिंसा की बात खारिज की गई है, फिर भी उनकी मौत किन हालात में हुई, यह गुत्थी अभी तक अनसुलझी है। छात्रा के परिजनों ने आशंका जताई है कि उन्हें चलती ट्रेन से नीचे धकेल दिया गया होगा। हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले की विस्तृत जांच चल रही है।
























