असमिया फीचर फिल्म दिफलू को सिनेमाघरों में दर्शकों का शानदार समर्थन मिल रहा है। रिलीज के पहले वीकेंड के दौरान दर्शकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई, जिसके चलते रविवार को राज्य भर के कई प्रमुख शहरों में फिल्म के शो पूरी तरह हाउसफुल रहे। फिल्म से जुड़े दल के अनुसार, छोटे शहरों और कस्बों में सिनेमा प्रेमियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे टिकट खिड़की पर खासी रौनक बनी हुई है।
इन प्रमुख शहरों में टिकट खिड़की पर लगा हाउसफुल का बोर्ड
रविवार के दिन जिन इलाकों में सिनेमाघरों के सभी टिकट बिक गए, उनमें धेमाजी, लखीमपुर, बिहपुरिया, विश्वनाथ चारिआली, मोरन, मंगलदै, तेजपुर और नगांव शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर दर्शकों ने फिल्म के ग्रामीण परिवेश, कर्णप्रिय संगीत, सहज हास्य और अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों के अभिनय को कहानी की सबसे बड़ी ताकत बताया। सिनेमाघरों से बाहर निकलने वाले लोगों का कहना है कि यह फिल्म अपनी मिट्टी की खुशबू को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारती है।
गांव की यादें और सादगी भरी कहानी ने छुआ दिल
मंगलदै में फिल्म देखकर निकले दर्शकों ने कहा कि जो लोग आजीविका की तलाश में गांव छोड़कर शहरों में बस गए हैं, यह फिल्म उन्हें अपनी जड़ों की याद दिलाती है। एक दर्शक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दिफलू उस पुरानी दुनिया को हमारे सामने दोबारा लाती है, जिसमें संघर्ष, रिश्ते और रोजमर्रा की सच्ची सच्चाइयां शामिल हैं।
सिनेमा प्रेमियों का उत्साह इस कदर देखने को मिला कि कई लोग इस फिल्म को देखने के लिए लंबी यात्रा करके दूसरे शहरों तक पहुंचे। कलियाबोर से दर्शकों का एक समूह रविवार को विशेष रूप से तेजपुर पहुंचा और सिनेमा हॉल में फिल्म देखी। इस समूह के एक सदस्य ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया कि एक मजबूत और प्रभावशाली कहानी कहने के लिए उसे उलझाव भरा बनाने की कतई जरूरत नहीं होती, बल्कि सादगी ही उसकी असली ताकत बन जाती है।
संगीत, हास्य और अनुभवी कलाकारों की जुगलबंदी
तेजपुर में फिल्म के संगीत की काफी तारीफ हुई, जहां एक दर्शक ने ज़ुबिन गर्ग और गायत्री हजारिका की गायकी की विशेष सराहना करते हुए गानों को पुरानी यादों में ले जाने वाला और बेहद सुरीला बताया। वहीं नगांव के दर्शकों को फिल्म की कॉमेडी खूब पसंद आई। लोगों ने कहा कि राजीव दोवारी और स्थानीय कलाकार ज्योतिष्मान बोरा जैसे नए कलाकारों ने अरुण हजारिका और पूर्णदा हजारिका जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ मिलकर बेहतरीन संतुलन बनाया है।
निर्माता इस फिल्म को एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन के रूप में पेश कर रहे हैं, जिसमें चार पीढ़ियों के कलाकारों ने साथ काम किया है और कहानी में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे किसी उम्र के दर्शक को झिझक महसूस हो।
फिल्म निर्देशक ने दर्शकों का जताया आभार
निर्देशक नेकिब ने दर्शकों के इस प्यार के लिए शुक्रिया अदा किया और बाकी लोगों से भी सिनेमाघरों में आकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों को कहानी, संगीत, हास्य और पुरानी यादों के बारे में बात करते सुनना बेहद सुखद और उत्साहवर्धक अनुभव है।
बोरलुइत प्रोडक्शंस के बैनर तले जेकिब द्वारा निर्मित यह फिल्म असमिया ग्रामीण जीवन के ताने-बाने पर आधारित है। इसमें मानवीय रिश्तों, निजी आकांक्षाओं और असम के सामाजिक ताने-बाने को हास्य और भावनाओं के साथ प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की पूरी टीम को उम्मीद है कि दर्शकों की सकारात्मक चर्चा के दम पर आने वाले दिनों में सिनेमाघरों में भीड़ और बढ़ेगी।





















