असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को राज्य सरकार के चार प्रमुख विभागों में चयनित 439 उम्मीदवारों को औपचारिक तौर पर नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस नए भर्ती चरण के पूरा होने के साथ ही उनके दो कार्यकालों के दौरान राज्य में दी गई कुल सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़कर 1,65,749 पर पहुंच गई है। युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की इस कड़ी में आयोजित कार्यक्रम के जरिए प्रशासन ने युवाओं को प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनने का अवसर दिया है।
गुवाहाटी में आयोजित हुआ नियुक्ति पत्र वितरण समारोह
नवनियुक्त कर्मचारियों को पत्र सौंपने का यह विशेष कार्यक्रम गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र के सभागार में आयोजित किया गया। इस मौके पर विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी और चयनित युवा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा किया, जिसमें पारदर्शी और योग्यता आधारित चयन प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
चार विभागों और वित्तीय संस्थानों में हुई नई भर्तियां
ताजा भर्ती अभियान के तहत राज्य के चार महत्वपूर्ण विभागों के साथ-साथ असम को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड जैसे प्रमुख संस्थानों में नियुक्तियां की गई हैं। इन विभागों में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सहकारिता, जल संसाधन और श्रम कल्याण विभाग शामिल हैं।
विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा अवसर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में मिले हैं, जहां 184 अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया। इसके बाद सहकारिता विभाग का स्थान रहा, जिसमें 175 पदों पर चयन हुआ। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन विभाग को 68 नए कर्मचारी मिले हैं, जबकि श्रम कल्याण विभाग के अंतर्गत 12 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
भर्ती अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब नियुक्ति पत्र वितरण के लिए ऐसा समागम हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2021 से 2026 के बीच प्रशासन ने 1.65 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि युवाओं को रोजगार देने का यह सिलसिला आगामी पांच वर्षों के दौरान भी लगातार जारी रखा जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इन सभी नियुक्तियों में पारदर्शिता और मेरिट को प्राथमिकता दी गई है। उधर बीजेपी का कहना है कि यह पूरी कवायद 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए दो लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम है।























