असम में बाढ़ का असर जारी है, हालांकि रविवार को राज्य के प्रभावित इलाकों की स्थिति में थोड़ा सुधार दर्ज किया गया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के हालिया बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश में अब भी 5 जिले जलभराव की गंभीर चपेट में हैं और लगभग 1,35,000 लोग प्रभावित हैं। इसी बीच शिवसागर जिले में 3 और लोगों की जान जाने के बाद इस साल राज्य में बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले नागरिकों का कुल आंकड़ा बढ़कर 85 तक पहुंच गया है।
प्रभावित जिले और आबादी का ब्योरा
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिलों में कुल मिलाकर 1,36,200 से अधिक नागरिक संकट का सामना कर रहे हैं। हालांकि, शनिवार की तुलना में यह आंकड़ा कम हुआ है, जब इन 5 जिलों में प्रभावितों की संख्या लगभग 1.8 लाख दर्ज की गई थी। वर्तमान में शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां 55,000 से अधिक लोग जलभराव से परेशान हैं। इसके बाद चराइदेव में 40,000 और जोरहाट में 22,000 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
335 गांव जलमग्न, बड़े पैमाने पर फसल तबाह
राज्य भर में बाढ़ के पानी ने भारी तबाही मचाई है, जिसके कारण 335 गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। इसके अलावा 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि में लगी फसलें तबाह हो गई हैं, जिससे स्थानीय किसानों को गहरा नुकसान हुआ है। बाढ़ पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासन की ओर से 5 जिलों में 54 राहत शिविर और राहत सामग्री वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में इस समय 13,771 प्रभावित लोगों को ठहराकर उनकी देखभाल की जा रही है। नदी जलस्तर की बात करें तो नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में अलर्ट बना हुआ है।















