असम के कामरूप मेट्रोपोलिटन जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर सात पर पहुंच गई है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया। यह दर्दनाक दुर्घटना रविवार शाम को सोनापुर के तेतेलिया इलाके के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर हुई थी, जब एक मिनीबस और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई थी। इस भयावह टक्कर के तुरंत बाद चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनमें एक महिला भी शामिल थी।
घायलों का इलाज और वाहन में सवार लोग
खेत्री पुलिस थाने के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि गंभीर रूप से घायल तीन अन्य पीड़ितों ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वर्तमान में सात घायल यात्री गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उपचाराधीन हैं। हादसे के वक्त वाहन में मिनीबस के ड्राइवर और कंडक्टर सहित कुल 14 लोग सवार थे, और इस दुर्घटना की चपेट में मिनीबस में मौजूद सभी लोग आ गए। गनीमत यह रही कि ट्रक में सवार लोग इस टक्कर में पूरी तरह सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
हादसे की वजह और पुलिस की जांच
गुवाहाटी पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शफीकुल हुसैन ने बताया कि मिनीबस गुवाहाटी की ओर जा रही थी, जबकि ट्रक इसके बिल्कुल विपरीत दिशा से आ रहा था। हुसैन के अनुसार, मिनीबस अचानक डिवाइडर पार करके गलत दिशा में चली गई और सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी। शुरुआती जानकारी में यह सामने आया है कि सड़क पर बने एक बड़े गड्ढे से गुजरने के बाद चालक ने नियंत्रण खो दिया था। पुलिस फिलहाल इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना वास्तव में किस प्रकार हुई।
सड़क की बदहाली पर फूटा लोगों का गुस्सा
इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रविवार रात को ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इलाके के लोगों का आरोप था कि सड़क के इस हिस्से में रखरखाव बेहद खराब है, जिसकी वजह से यह जगह हादसों का केंद्र बन चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासन तुरंत प्रभाव से इस सड़क की मरम्मत कराए। प्रदर्शनकारियों में से एक स्थानीय व्यक्ति ने यह भी दावा किया कि कुछ दिन पहले ही इसी बदहाल रास्ते पर एक बड़ा गड्ढा आने के कारण रेत से भरा हुआ एक ट्रक पलट गया था।
स्थानीय लोगों की चेतावनी और यातायात व्यवस्था
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सड़क की खस्ता हालत के चलते यहां पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और एनएचएआई यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दुर्घटना स्थल से बमुश्किल एक किलोमीटर की दूरी पर सोनापुर में एनएचएआई का टोल प्लाजा स्थित है। स्थानीय लोगों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सड़क को ठीक नहीं किया गया, तो वे इस टोल बूथ को पूरी तरह से बंद करवा देंगे। इस भयानक हादसे के चलते उस मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे सैकड़ों गाड़ियां कई घंटों तक सड़क पर फंसी रहीं। स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात को सुचारू बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आवश्यक कदम उठाए।



















