असम सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राज्यभर के पुलिस स्टेशनों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण किया है। एक आधिकारिक अधिसूचना के तहत कुल 312 पुलिस स्टेशनों के कार्यक्षेत्र को अब राज्य के सभी 126 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के साथ सटीक रूप से मिला दिया गया है।
क्यों लिया गया यह प्रशासनिक फैसला
इस पूरी प्रशासनिक कवायद की जड़ें 2025 के पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन में पारित एक अहम प्रस्ताव में हैं। उस सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया था कि यह सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है कि कोई भी पुलिस थाना एक से अधिक विधायक के अधिकार क्षेत्र के अधीन न आए। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने रविवार को औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी।
परिसीमन के बाद पड़ी फेरबदल की जरूरत
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस थानों की सीमाओं में यह बदलाव तब अनिवार्य हो गया जब भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन पूरा किया गया। नए निर्वाचन क्षेत्रों के गठन के बाद पुराने पुलिस थाने कई जगहों पर दो या तीन विधायकों के इलाकों में बंट रहे थे, जिससे प्रशासनिक समन्वय में दिक्कतें आ रही थीं।
जमीनी रिपोर्ट और सत्यापन की प्रक्रिया
इस बड़े बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए असम पुलिस मुख्यालय ने कड़े कदम उठाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मौजूदा सीमाओं पर स्थित इलाकों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें उन तमाम गांवों और शहरी वार्डों को शामिल किया गया था जिन्हें एक थाने से हटाकर दूसरे थाने के अधिकार क्षेत्र में शिफ्ट किया जाना था या नया जोड़ा जाना था। अधिकारियों द्वारा जुटाई गई इस तमाम जानकारी का गहन सत्यापन किया गया और उसके बाद ही अंतिम प्रशासनिक प्रस्ताव सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया।
भविष्य में बदलाव की गुंजाइश बाकी
गृह एवं राजनीतिक विभाग ने साफ किया है कि इस बड़े फेरबदल का मुख्य उद्देश्य एक अधिक सुव्यवस्थित और सहज प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है, ताकि पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बेहतर हो सके। हालांकि सरकार ने इसमें भविष्य की जरूरतों को देखते हुए संशोधन का विकल्प भी खुला रखा है। यदि आने वाले समय में किसी व्यक्तिगत विधानसभा क्षेत्र के भीतर प्रशासनिक कारणों से और बदलाव करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो उचित प्रक्रिया के तहत उसमें और फेरबदल किए जा सकते हैं।



















