असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के सोनपुर इलाके में हुए एक भयानक सड़क हादसे के अगले दिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस भीषण दुर्घटना में कुल सात लोगों की जान चली गई, जिसके बाद राज्य में सड़कों की बदहाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवरब्रत सैकिया ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार से असम भर में टोल वसूली तुरंत निलंबित करने की जोरदार मांग उठाई है। उनका कहना है कि जिन सड़कों पर रखरखाव ठीक नहीं है और वाहन चालकों की जान जोखिम में है, वहां टोल वसूलना पूरी तरह से अनुचित है।
नितिन गडकरी को लिखा गया पत्र
सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भेजे गए एक पत्र में देवरब्रत सैकिया ने सोनपुर की दुर्घटना का विशेष रूप से हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर हुआ यह हादसा मोटर चालकों के सामने मौजूद गंभीर खतरों को उजागर करता है। उनके अनुसार, सोनपुर की यह घटना कोई अकेली या इकलौती घटना नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य टोल वाले हिस्सों में भी गड्ढों से भरी सड़कें, खराब रखरखाव और आए दिन होने वाले हादसों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं, जबकि इसके बावजूद जनता से लगातार टोल वसूला जा रहा है।
अदालतों के सिद्धांतों और जवाबदेही पर जोर
कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि यदि सड़कें सुरक्षित या ठीक से संवर्धित नहीं हैं, तो जनता से टोल टैक्स वसूलना उस शुल्क के मूल उद्देश्य को ही विफल कर देता है। उन्होंने अदालतों द्वारा मान्यता प्राप्त उस सिद्धांत का भी जिक्र किया जिसके तहत जब सड़कें ठीक से मेंटेन न की जाएं, तब टोल नहीं वसूला जाना चाहिए। अपनी इस मांग के समर्थन में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई, रियायत धारकों और स्वतंत्र इंजीनियरों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए संविदात्मक चूकों, बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं और कथित रखरखाव विफलताओं की विस्तृत जांच की मांग की है।
सख्त सुरक्षा ऑडिट और व्यापक कार्रवाई की मांग
तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए देवरब्रत सैकिया ने आग्रह किया है कि जब तक राज्य की सभी सड़कें पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो जातीं और उन्हें सुरक्षित तथा चलने योग्य होने का प्रमाण पत्र नहीं मिल जाता, तब तक असम में टोल संग्रह पूरी तरह रोक दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के सभी टोल प्लाजा और टोल के अंतर्गत आने वाले मार्गों का एक स्वतंत्र सुरक्षा और रखरखाव ऑडिट कराने की भी मांग रखी। उन्होंने सोनपुर हादसे और अन्य टोल सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए या घायल हुए लोगों के परिवारों के लिए तत्काल राहत और मुआवजे की भी पुरजोर वकालत की।
सोनपुर हादसे की भयावहता और पुलिस का बयान
इस बीच, कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के सोनपुर के पास तेतेलिया में एनएच 27 पर रविवार शाम एक ट्रक और मिनीबस की आमने-सामने की टक्कर में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, क्योंकि सोमवार को इलाज के दौरान तीन और घायलों ने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत तो मौके पर ही हो गई थी। गुवाहाटी पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यानी ट्रैफिक शफीकुल हुसैन ने जानकारी दी कि मिनीबस गुवाहाटी की तरफ जा रही थी जबकि ट्रक विपरीत दिशा से आ रहा था।
अनियंत्रण और गड्ढों की भूमिका
शफीकुल हुसैन के मुताबिक, मिनीबस के चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी डिवाइडर पार कर सामने वाले लेन में आ गई और विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से जा टकराई। ऐसा बताया जा रहा है कि सड़क के बीचों-बीच बने एक बड़े गड्ढे से मिनीबस के टकराने के बाद चालक ने नियंत्रण खो दिया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे इस दावे की गहराई से जांच कर रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है, जबकि जनता की ओर से पुख्ता सुरक्षा उपायों की मांग लगातार तेज हो रही है।



















