गुवाहाटी स्थित असम राज्य चिड़ियाघर सह बॉटनिकल गार्डन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने की एक व्यापक योजना पर अमल शुरू हो गया है। राज्य प्रशासन इस पूरे परिसर के बुनियादी ढांचे और वन्यजीव बाड़ों को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत खर्च करने की तैयारी में है। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य यहां आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव देने के साथ-साथ जानवरों के प्राकृतिक आवास को और अधिक बेहतर तथा समृद्ध बनाना है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं और विशाल पक्षी विहार का निर्माण
इस नवीनीकरण अभियान का सबसे आकर्षक केंद्र एक विशाल पक्षी विहार यानी बर्ड एवियरी होगा। निर्माण योजना के अनुसार, यह एवियरी बेहद भव्य पैमाने पर बनाई जा रही है और इसके पूरा होने पर यह दुनिया के सबसे बड़े पक्षी विहारों में से एक बन सकती है। पक्षी प्रेमियों और सामान्य दर्शकों के लिए यह एक अनोखा अनुभव होगा, जहां वे विभिन्न दुर्लभ प्रजातियों के पक्षियों को लगभग प्राकृतिक माहौल में करीब से देख सकेंगे। इसके साथ ही, चिड़ियाघर के विस्तृत भूभाग को देखते हुए पर्यटकों की सुविधा के लिए एक टॉय ट्रेन चलाने का खाका भी तैयार किया गया है। यह टॉय ट्रेन बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग आगंतुकों के लिए पूरे परिसर का भ्रमण करना काफी आसान बनाएगी और आवागमन की सुगमता को बढ़ाएगी।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा
पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने 72वें वन्यजीव सप्ताह समारोह का उद्घाटन करते हुए चिड़ियाघर में चल रहे निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस पुनर्विकास परियोजना को राज्य के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। बरुआ ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में चिड़ियाघर का पुनर्निर्माण जारी है और इन कार्यों के संपन्न होने के बाद यह चिड़ियाघर न सिर्फ भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर कई प्रस्तावित सुविधाओं का स्वरूप स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा, हालांकि समूची परियोजना को पूर्ण होने में कुछ और समय लगेगा।
प्रमुख चिड़ियाघरों से प्रेरणा और संरक्षण गतिविधियां
परियोजना को आधुनिक तकनीकों से लैस करने के उद्देश्य से वन विभाग के अधिकारियों ने पहले ही बेंगलुरु और चेन्नई के प्रमुख प्राणी उद्यानों का दौरा किया था। वहां के ढांचे, आगंतुक प्रबंधन और बाड़ों के रखरखाव से जुड़ी बेहतरीन प्रथाओं का अध्ययन कर उन्हें असम के इस परिसर में लागू करने की रणनीति बनाई गई है। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान वन्यजीव सप्ताह 2026 की शुरुआत भी कई आयोजनों के साथ हुई, जिसका समापन 6 अक्टूबर को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में एक बैठक के साथ होगा। इस अवसर पर हाथियों के सम्मान में 'हस्ती पूजन' संपन्न हुआ, वन अधिकारियों द्वारा एक बाइक रैली निकाली गई और हाल ही में चिड़ियाघर में आए एक जिराफ का नामकरण समारोह भी आयोजित किया गया।



















