असम के गुवाहाटी में खानापारा स्थित कृषि विभाग के परिसर में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब विभाग के एक वरिष्ठ कर्मचारी का शव कार्यालय की प्रशासनिक इमारत के भीतर संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। मृतक की पहचान 55 वर्षीय रंजय बरुआ के रूप में की गई है, जो इसी कृषि विभाग कार्यालय में सीनियर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत थे।
बुधवार शाम से लापता थे रंजय बरुआ
पारिवारिक सदस्यों के अनुसार, रंजय बरुआ बुधवार शाम से ही लापता चल रहे थे। वे बुधवार को दोपहर का भोजन करने घर आए थे और सामान्य दिनों की तरह शाम करीब 5 बजे दफ्तर से घर के लिए निकले थे, लेकिन थोड़ी देर बाद वे दोबारा कृषि विभाग के परिसर में लौट आए। अजीब बात यह रही कि वे अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गए थे। जब काफी देर तक उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों और आसपास के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की।
परिसर में ही बेटे के साथ रहते थे
रंजय बरुआ कृषि विभाग के खानापारा परिसर में ही अपने बेटे के साथ रह रहे थे। उनके बेटे ने बताया कि उसके पिता बेहद शांत और अंतर्मुखी स्वभाव के व्यक्ति थे तथा लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। बुधवार को दोपहर का खाना खाने के बाद जब वे निकले, तो किसी को उनके इस तरह गायब होने का अंदेशा नहीं था। पूरी रात खोजबीन के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो परिवार की चिंता और बढ़ गई।
प्रशासनिक भवन में फंदे से लटका मिला शव और खून के निशान
गुरुवार को आखिरकार कृषि विभाग के खानापारा परिसर स्थित प्रशासनिक भवन से रंजय बरुआ का शव बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, वे इमारत के अंदर फंदे से लटके हुए पाए गए। इसके अलावा, पुलिस दल ने घटनास्थल के आसपास खून के धब्बे भी देखे, जिससे मामला और अधिक गंभीर व संदिग्ध हो गया है।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही पुलिस
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधिकारी शव मिलने से पहले के घटनाक्रम और कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं ताकि मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियों का खुलासा हो सके। फिलहाल रंजय बरुआ की मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।



















