असम और मेघालय की सीमा पर स्थित लाम्पी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास मंगलवार रात एक पुलिसकर्मी की कार में भीषण आग लग गई। इस घटना में मारुति ऑल्टो गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सीमावर्ती इलाके में अचानक हुई इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगजनी और तोड़फोड़ के कोण से विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
वाहन के मालिक और घटना का ब्योरा
यह क्षतिग्रस्त गाड़ी 28वीं बटालियन में तैनात हवलदार अरबिंद रॉय की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाम्पी बॉर्डर आउटपोस्ट जाने वाली सड़क की हालत बेहद खस्ता थी, जिसके कारण गाड़ी को कैंप के अंदर ले जाना संभव नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से हवलदार अरबिंद रॉय ने अपनी कार अपर लाम्पी बटालियन के तहत आने वाले इस आउटपोस्ट के बाहर ही खड़ी कर रखी थी।
मंगलवार की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में कार में आग लग गई। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर गाड़ी को आग के हवाले किया हो सकता है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
फॉरेंसिक जांच और वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा
इस पूरी घटना के संबंध में लाम्पी बॉर्डर पुलिस आउटपोस्ट में एक औपचारिक FIR दर्ज कर ली गई है। आग लगने की वजह कोई तकनीकी खराबी थी या यह जानबूझकर की गई साजिश का हिस्सा था, इसका पता लगाने के लिए गुवाहाटी से एक विशेष फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजा गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ जल चुकी कार के अवशेषों की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं।
इसके अलावा, असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें जन किशोर गोगोई भी शामिल हैं, स्थिति का जायजा लेने के लिए जल्द ही घटनास्थल का दौरा करने वाले हैं। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे और जारी जांच की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
असम-मेघालय सीमा पर बढ़ता तनाव
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब असम और मेघालय सीमा पर स्थिति पहले से ही संवेदनशील बनी हुई है। हाल ही में शिलॉन्ग के बाहरी इलाकों में अशांति और जोराबाट क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए थे। इससे पहले 19 अगस्त को शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की रैली के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद मेघालय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए KSU के तीन पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था।
सुरक्षा पर उठे सवाल और जनप्रतिनिधि का बयान
राभा हसोंग स्वायत्त परिषद (RHAC) के कार्यकारी सदस्य अर्जुन छेत्री ने पुलिसकर्मी के वाहन को जलाए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय बताया है। फिलहाल पुलिस पूरे इलाके में चौकसी बढ़ाते हुए मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है।





















