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खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में असम का डंका, एएसआरएलएम को मिला शीर्ष राज्य पुरस्कारअसम
26 अग॰ 2026, 10:59 am (2 घंटे पहले)· 2

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में असम का डंका, एएसआरएलएम को मिला शीर्ष राज्य पुरस्कार

सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को मध्यम राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पुरस्कार मिला है। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने यह सम्मान प्रदान किया।

असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए मध्यम राज्यों की श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य का पुरस्कार दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पीएमएफएमई सम्मेलन के दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने यह सम्मान प्रदान किया। एएसआरएलएम की ओर से राज्य मिशन निदेशक कुंतलमणि शर्मा बोरडोलोई ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को स्वीकार किया।

ग्रामीण उद्यम और आजीविका को मिली राष्ट्रीय पहचान

यह राष्ट्रीय पुरस्कार एएसआरएलएम के अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण उद्यमियों और अन्य हितधारकों के जमीनी प्रयासों को दर्शाता है। मिशन ने राज्यभर में छोटे खाद्य प्रसंस्कृत उद्योगों को वित्तीय, तकनीकी और विपणन सहायता प्रदान की है। इन संगठित प्रयासों से असम के ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी सूक्ष्म इकाइयों को मजबूती मिली है और लोगों के लिए आजीविका के नए व टिकाऊ साधन विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी बधाई

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस उपलब्धि पर एएसआरएलएम की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने मिशन को राज्य में जमीनी स्तर के विकास का प्रमुख आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संगठन विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और आम जनता को उनका लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार असम के ग्रामीण अर्थशास्त्र को मजबूत करने और लाभार्थियों के परिश्रम का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अतुल बोरा ने भी इस सफलता पर खुशी जताई और इसे एएसआरएलएम टीम की कड़ी मेहनत का प्रतिफल बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह उपलब्धि असम को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पुरस्कार ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने और कृषि आधारित उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के प्रयासों को रेखांकित करता है।

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सवाल-जवाब

असम को पीएमएफएमई योजना के तहत कौन सा पुरस्कार मिला है?
असम को सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यम राज्यों की श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य का पुरस्कार मिला है।
नई दिल्ली में यह पुरस्कार किसने प्रदान किया?
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया।
एएसआरएलएम की ओर से यह सम्मान किसने प्राप्त किया?
एएसआरएलएम की राज्य मिशन निदेशक कुंतलमणि शर्मा बोरडोलोई ने संगठन की तरफ से यह पुरस्कार प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने एएसआरएलएम टीम को बधाई दी और इसे राज्य में जमीनी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को मिला यह राष्ट्रीय पुरस्कार सिर्फ प्रशासनिक सफलता नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय और तकनीकी सहायता मिलने से स्वरोजगार के नए रास्ते खुले हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य प्रशासन इस सफलता के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय पारदर्शिता और योजनाओं के दीर्घावधि क्रियान्वयन को कैसे बनाए रखता है, ताकि जमीनी स्तर पर इसका वास्तविक प्रभाव सुरक्षित रहे।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस सफलता का आर्थिक प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित सूक्ष्म उद्यमों के लिए बड़े निवेश और वित्तीय समावेशन के नए रास्ते खोल सकता है। जब स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी और विपणन सहायता मिलती है, तो यह पारंपरिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आधुनिक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने का काम करता है। अब यह जरूरी होगा कि इस मॉडल को वित्तीय स्थिरता और दीर्घकालिक बाजार पहुंच के साथ आगे बढ़ाया जाए, जिससे सूक्ष्म इकाइयों को वैश्विक वित्तीय रुझानों और डिजिटल एसेट्स के दौर में टिकाऊ लाभ मिल सके।

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