असम सरकार ने औपचारिक रूप से बड़ा कदम उठाते हुए बराक घाटी के मिनी सचिवालय का नाम बदल दिया है। इस संस्थान को अब असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर के नाम से जाना जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए एक अहम निर्णय को अमलीजामा पहनाते हुए यह कदम उठाया गया है।
असम के राज्यपाल द्वारा इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह पूरा फैसला 18 अगस्त को हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर लिया गया है। नया नामकरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही इस विभाग द्वारा 19 फरवरी 2021 को जारी किया गया पुराना आदेश अब रद्द कर दिया गया है।
इस नई अधिसूचना में उन सभी विभागों का पूरा विवरण भी दिया गया है जो सिलचर स्थित इस सचिवालय से अपना कामकाज संभालेंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, असम सरकार के कुल 59 विभागों में से 32 विभाग अब सचिवालय की इस बराक घाटी शाखा के जरिए संचालित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अगस्त की कैबिनेट बैठक के बाद ही इस बड़े फैसले का ऐलान किया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि इस संस्थान को अब मिनी सचिवालय की तर्ज पर काम नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री का मानना था कि इसमें 32 प्रमुख विभागों को शामिल करने से क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक तंत्र काफी मजबूत होगा और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी।
अधिसूचना के अनुलग्नक-ए के अनुसार, ये 32 विभाग असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर की प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होंगे। इस बदलाव को बराक घाटी के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि बराक घाटी क्षेत्र में कछार, हैलाकांडी और श्रीभूमि जिले शामिल हैं।
सिलचर में सरकारी विभागों की बढ़ी हुई मौजूदगी से स्थानीय निवासियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख प्रशासनिक कामकाज और सरकारी सेवाओं की पहुंच तथा उनकी डिलीवरी में सुधार होगा।
असम के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, पर्वतीय क्षेत्र और बराक घाटी विकास मंत्री कृष्णेंदु पॉल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले की जमकर सराहना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लिखा कि इस दूरदर्शी निर्णय से बराक घाटी के लोगों के पास तक शासन पहुंचेगा और प्रशासनिक दक्षता तथा सुगमता मजबूत होगी।





















