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असम के बराक घाटी स्थित मिनी सचिवालय का बदला गया नाम, अब कहलाएगा असम सचिवालय सिलचरअसम
25 अग॰ 2026, 3:28 pm (1 घंटे पहले)· 2

असम के बराक घाटी स्थित मिनी सचिवालय का बदला गया नाम, अब कहलाएगा असम सचिवालय सिलचर

असम सरकार ने बराक घाटी स्थित मिनी सचिवालय का नाम बदलकर असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर कर दिया है। इस नए प्रशासनिक ढांचे के तहत अब कुल 32 विभाग यहां से संचालित किए जाएंगे।

असम सरकार ने औपचारिक रूप से बड़ा कदम उठाते हुए बराक घाटी के मिनी सचिवालय का नाम बदल दिया है। इस संस्थान को अब असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर के नाम से जाना जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए एक अहम निर्णय को अमलीजामा पहनाते हुए यह कदम उठाया गया है।

असम के राज्यपाल द्वारा इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह पूरा फैसला 18 अगस्त को हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर लिया गया है। नया नामकरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही इस विभाग द्वारा 19 फरवरी 2021 को जारी किया गया पुराना आदेश अब रद्द कर दिया गया है।

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इस नई अधिसूचना में उन सभी विभागों का पूरा विवरण भी दिया गया है जो सिलचर स्थित इस सचिवालय से अपना कामकाज संभालेंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, असम सरकार के कुल 59 विभागों में से 32 विभाग अब सचिवालय की इस बराक घाटी शाखा के जरिए संचालित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अगस्त की कैबिनेट बैठक के बाद ही इस बड़े फैसले का ऐलान किया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि इस संस्थान को अब मिनी सचिवालय की तर्ज पर काम नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री का मानना था कि इसमें 32 प्रमुख विभागों को शामिल करने से क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक तंत्र काफी मजबूत होगा और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी।

अधिसूचना के अनुलग्नक-ए के अनुसार, ये 32 विभाग असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर की प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होंगे। इस बदलाव को बराक घाटी के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि बराक घाटी क्षेत्र में कछार, हैलाकांडी और श्रीभूमि जिले शामिल हैं।

सिलचर में सरकारी विभागों की बढ़ी हुई मौजूदगी से स्थानीय निवासियों को काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख प्रशासनिक कामकाज और सरकारी सेवाओं की पहुंच तथा उनकी डिलीवरी में सुधार होगा।

असम के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, पर्वतीय क्षेत्र और बराक घाटी विकास मंत्री कृष्णेंदु पॉल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले की जमकर सराहना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने लिखा कि इस दूरदर्शी निर्णय से बराक घाटी के लोगों के पास तक शासन पहुंचेगा और प्रशासनिक दक्षता तथा सुगमता मजबूत होगी।

सवाल-जवाब

बराक घाटी के मिनी सचिवालय का नया नाम क्या रखा गया है?
बराक घाटी के मिनी सचिवालय का नया नाम बदलकर 'असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर' कर दिया गया है।
इस बदलाव की घोषणा किसने और कब की थी?
इस फैसले की घोषणा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक के बाद की थी।
नए सचिवालय से कुल कितने विभाग संचालित किए जाएंगे?
असम सरकार के कुल 59 विभागों में से 32 प्रमुख विभाग अब इस सिलचर स्थित सचिवालय से संचालित किए जाएंगे।
बराक घाटी क्षेत्र में कौन-कौन से जिले शामिल हैं?
बराक घाटी क्षेत्र के अंतर्गत कछार, हैलाकांडी और श्रीभूमि जिले आते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 मिनट पहले

असम सरकार द्वारा बराक घाटी के मिनी सचिवालय को पूर्ण सचिवालय का दर्जा देना और 32 विभागों को सिलचर स्थानांतरित करना प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कछार, हैलाकांडी और श्रीभूमि जिलों के निवासियों को अब अपने क्षेत्रीय और कानूनी मामलों के समाधान के लिए गुवाहाटी की लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर जनहित से जुड़े मामलों की निगरानी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और न्याय प्रणाली की पहुंच आम जनता तक और अधिक सुलभ होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·11 मिनट पहले

बराक घाटी स्थित सिलचर सचिवालय में 32 प्रमुख विभागों के संचालन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट मोर्चे पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। प्रशासनिक सुगमता बढ़ने से स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप्स और निवेश प्रस्तावों से जुड़ी फाइलों के निष्पादन में तेजी आएगी, जिससे इस उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में वित्तीय गतिविधियों को नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

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