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1 जुलाई से बिहार में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, HRMS ऐप ही एकमात्र विकल्पबिहार
1 जुल॰ 2026, 9:01 pm (45 दिन पहले)· 2

1 जुलाई से बिहार में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, HRMS ऐप ही एकमात्र विकल्प

बिहार सरकार ने 1 जुलाई से राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑफलाइन छुट्टी आवेदन बंद कर दिया है। अब अवकाश के लिए केवल HRMS मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल का उपयोग करना अनिवार्य होगा।

बिहार सरकार ने 1 जुलाई से राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए छुट्टी लेने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने नए निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब किसी भी दफ्तर में कागज पर या ऑफलाइन तरीके से छुट्टी का आवेदन स्वीकार नहीं होगा। राज्यकर्मियों को अपनी हर तरह की अवकाश की जरूरत के लिए मानव संसाधन प्रबंधन व्यवस्था यानी HRMS के मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल पर जाना होगा।

HRMS ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य

सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार, बिहार के हर सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को HRMS मोबाइल ऐप डाउनलोड कर उसमें अपना पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इसके बाद आकस्मिक अवकाश (CL) और अर्जित अवकाश (EL) समेत सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए आवेदन केवल इसी ऐप या वेब पोर्टल के जरिए ही किया जा सकेगा। संबंधित सक्षम अधिकारी भी इसी डिजिटल मंच पर आवेदन की जांच करेंगे और ऑनलाइन ही स्वीकृति अथवा अस्वीकृति दर्ज करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी कार्यालय में कागजी आवेदन देने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।

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पारदर्शी और व्यवस्थित होगी अवकाश प्रक्रिया

विभाग के मुताबिक, इस बदलाव का मूल मकसद अवकाश प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और रिकॉर्ड आधारित बनाना है। आवेदन जमा करने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक की पूरी कड़ी अब डिजिटल रूप से संचालित होगी। इस नई प्रणाली का एक बड़ा फायदा यह है कि कर्मचारी अपने अवकाश आवेदन की स्थिति कभी भी ऑनलाइन देख सकेंगे और उन्हें आवेदन की प्रगति जानने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय की बचत होगी और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।

हर कर्मचारी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित

नई व्यवस्था में हर कर्मचारी की छुट्टियों का पूरा डिजिटल लेखा-जोखा एक ही जगह सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहेगा। यह तुरंत पता लगाया जा सकेगा कि किसी कर्मचारी ने अब तक कितनी छुट्टियां ली हैं, कौन-सा आवेदन अभी लंबित है और किस स्तर पर उसका निस्तारण होना बाकी है। विभाग का कहना है कि इससे मानव संसाधन प्रबंधन अधिक प्रभावी बनेगा। कागजी अभिलेखों पर निर्भरता कम होगी, डेटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा और प्रशासनिक निगरानी के साथ रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी काफी सरल हो जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से भविष्य में अवकाश संबंधी सूचनाएं जुटाना भी आसान होगा।

1 जुलाई से सभी के लिए अनिवार्य

सामान्य प्रशासन विभाग ने साफ कर दिया है कि 1 जुलाई से लागू यह व्यवस्था बिहार के सभी विभागों, कार्यालयों और राज्यकर्मियों पर समान रूप से अनिवार्य है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द HRMS ऐप पर अपना पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। अब से अवकाश से जुड़ा कोई भी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।

सवाल-जवाब

बिहार में ऑफलाइन छुट्टी आवेदन कब से बंद हुआ?
1 जुलाई से बिहार के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑफलाइन छुट्टी आवेदन पूरी तरह बंद हो गया है।
HRMS क्या है और इसका उपयोग कैसे करें?
HRMS यानी मानव संसाधन प्रबंधन व्यवस्था एक सरकारी मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल है, जिसे डाउनलोड कर पंजीकरण कराने के बाद ही छुट्टी के लिए आवेदन किया जा सकता है।
क्या CL और EL दोनों के लिए ऑनलाइन आवेदन जरूरी है?
हां, आकस्मिक अवकाश (CL) और अर्जित अवकाश (EL) समेत हर तरह की छुट्टी के लिए अब केवल HRMS पर ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होगा।
छुट्टी की मंजूरी कैसे मिलेगी?
संबंधित सक्षम अधिकारी HRMS के उसी डिजिटल मंच पर आवेदन की जांच कर ऑनलाइन स्वीकृति या अस्वीकृति दर्ज करेंगे।
क्या कर्मचारी अपने आवेदन की स्थिति खुद देख सकते हैं?
हां, नई प्रणाली में कर्मचारी अपने अवकाश आवेदन की स्थिति कभी भी ऑनलाइन देख सकेंगे, दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
यह व्यवस्था बिहार के कितने विभागों पर लागू है?
यह व्यवस्था बिहार के सभी विभागों, कार्यालयों और राज्यकर्मियों पर समान रूप से अनिवार्य रूप से लागू होगी।
HRMS ऐप पर पंजीकरण कब तक कराना होगा?
विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द HRMS ऐप पर पंजीकरण कराने की सलाह दी है।
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