पूरे देश में मानसून की सक्रियता ने मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है। भारतीय मौसम विभाग यानी IMD की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में मानसून का नया प्रभाव दिखाई देगा। कहीं पर बादल जमकर बरसने की तैयारी में हैं, तो कहीं लोग अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस बदलते मौसम का असर केवल तापमान पर ही नहीं, बल्कि कृषि और रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ेगा। गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबरें आ रही हैं, क्योंकि मानसून का दायरा लगातार बढ़ रहा है और नया वेदर सिस्टम पूरे देश के मौसम की दिशा तय कर रहा है।
16 राज्यों में अलर्ट और आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग ने 16 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। कई क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और गुजरात में अपनी पैठ मजबूत करेगा। वहीं, स्काईमेट का पूर्वानुमान है कि पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि दक्षिण भारत में भी मानसून की स्थिति बनी रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर: जुलाई में मानसून की दस्तक
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मानसून के पहुंचने में थोड़ी देरी जरूर हुई है। पहले यह अनुमान था कि 27 जून तक मानसून पहुंच जाएगा, लेकिन अब ताजा अपडेट के मुताबिक, इसके जुलाई के पहले सप्ताह तक आने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा। 27 जून से 1 जुलाई के बीच हल्की प्री-मानसून बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। 28 जून से पारा गिरने लगेगा और 30 जून व 1 जुलाई को बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। दिल्ली वालों को झमाझम बारिश के लिए थोड़ा संयम रखना होगा, लेकिन उमस से राहत मिलने का दौर शुरू हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश: 29 जून से बदलेगा मिजाज
उत्तर प्रदेश में दो दिनों तक मौसम के शांत रहने के आसार हैं, लेकिन 29 जून से राज्य के कई हिस्सों में स्थितियां बदलेंगी। लखनऊ, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, बरेली, हाथरस, मऊ, बलिया और औरैया में अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ 29 जून से 1 जुलाई के दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। आंधी और बिजली गिरने के प्रति चेतावनी दी गई है, जिससे किसानों को लाभ होगा लेकिन खुले में रहने वालों को सावधानी बरतनी होगी।
बिहार में दो जुलाई तक बारिश का दौर
बिहार में मानसून अब पूरी तरह रंग जमाने की तैयारी में है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधुबनी, सुपौल और दोनों चंपारण जिलों में 28 जून तक हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 29 जून से भारी बारिश का दौर शुरू होगा, जो 2 जुलाई तक रुक-रुककर जारी रह सकता है। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है, जो गर्मी और उमस से बड़ी राहत देगी। धान की फसल के लिए इस बारिश को बेहद उपयोगी बताया जा रहा है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्थिति
राजस्थान में जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, अलवर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, टोंक, प्रतापगढ़ और सवाई माधोपुर में 27 से 29 जून के बीच बारिश के आसार हैं। यहाँ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे गर्मी से लंबे समय से परेशान लोगों को राहत मिलेगी। वहीं, मध्य प्रदेश में मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान नजर आ रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, देवास, रतलाम, शाजापुर और बालाघाट में भारी बारिश का अनुमान है। यहाँ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे खरीफ की बुआई के लिए स्थितियां अनुकूल हो जाएंगी। पंजाब और हरियाणा में भी अब लू का असर खत्म हो रहा है और मानसून की एंट्री की तैयारी शुरू हो चुकी है।













