बिहार के हाजीपुर शहर स्थित सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मदारपुर चौक पर अवैध मादक पदार्थों के व्यापार को लेकर दो आपराधिक गुटों के बीच अचानक हिंसक गैंगवार छिड़ गया। मादक पदार्थ यानी स्मैक की एक खेप की आपूर्ति, उस पर अपना आधिपत्य जमाने की होड़ और पुराने वित्तीय लेन-देन के बकाए को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। शुरुआती कहासुनी के बाद स्थिति बिगड़ गई और दोनों तरफ से लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इसके तुरंत बाद दोनों गुटों के बदमाशों ने असलहे निकाल लिए और एक-दूसरे पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
स्मैक की खेप और लेन-देन के विवाद में चलीं गोलियां
इस खूनी झड़प के दौरान दोनों तरफ से लगभग आधा दर्जन राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। गोलीबारी की इस घटना में दो बदमाशों को गोलियां लगीं, जबकि एक अन्य युवक मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी तीन घायलों को तुरंत उपचार के लिए पास के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, विवाद इतनी तेजी से बढ़ा कि आसपास के दुकानदारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
बरामदगी और संदिग्धों से पुलिस की पूछताछ
घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाने की पुलिस टीम दल-बल के साथ मदारपुर चौक पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जांच के दौरान घटनास्थल से पुलिस को कई चले हुए कारतूसों के खोखे और एक हथियार बरामद हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
घायल के घर पर पहले भी हो चुका है बम से हमला
पुलिस की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। फायरिंग में गोली लगने से घायल हुए अजय मिश्रा नाम के व्यक्ति के आवास पर पिछले महीने भी अपराधियों द्वारा बम से जानलेवा हमला किया गया था। उस समय अजय मिश्रा किस्मत के सहारे बाल-बाल बच गए थे। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या पिछला बम हमला और मदारपुर चौक पर हुई यह गोलीबारी एक ही आपराधिक नेटवर्क या पुरानी दुश्मनी का हिस्सा हैं।
फॉरेंसिक टीम की जांच और कानूनी कार्रवाई
हाजीपुर के एसपी शुभांक मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्र करने के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की विशेष टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। एफएसएल टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं। एसपी के अनुसार, इस मामले में दोनों ही पक्षों की ओर से लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। हाजीपुर जिले में लगातार पैर पसार रहे स्मैक और अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार तथा उससे उपजी इस गैंगवार की घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी और व्यापारिक इलाके में दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी से आम नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्याप्त हो गई है।



















