असम में आगामी जनगणना की तैयारियों के तहत एक बड़ा मुकाम हासिल हुआ है। राज्य में Census 2027 के अंतर्गत चल रही सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्व-गणना प्रक्रिया ने 95.42 प्रतिशत का शानदार कंप्लीशन रेट दर्ज किया है। इस चरण के दौरान राज्य के कुल 35 जिलों से 12,20,536 परिवारों ने खुद आगे आकर अपने जरूरी विवरण पोर्टल पर दर्ज कराए। इस व्यापक भागीदारी को प्रशासनिक हलकों में काफी सराहा जा रहा है और इसे आम नागरिकों की सकारात्मक रुचि का प्रमाण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जताई खुशी
इस बड़ी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे राज्य के लिए एक नया मानदंड बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा अपने संदेश में उन्होंने राज्य की जनता का आभार जताया और कहा कि लोगों ने इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बेहद उत्साह के साथ हिस्सा लिया और सही समय पर सटीक जानकारी मुहैया कराई। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों द्वारा दिखाया गया यह सहयोग इस राष्ट्रव्यापी अभियान के प्रति उनकी जिम्मेदारी और अपनत्व की भावना को दर्शाता है।
अगले चरण के लिए जनता से सहयोग की अपील
स्व-गणना का चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे आगामी चरण में भी गणनाकारों को ऐसा ही पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर अपने राज्य का एक सटीक और व्यापक रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस बीच, केंद्र सरकार ने भी Census 2027 की तैयारियों के तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 4,102 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जिससे मैदानी स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों को और गति मिलेगी।
हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस की शुरुआत
असम के डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑपरेशंस, बिस्वाजीत पेगु ने सोमवार को निदेशालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने भी इस अवधि के दौरान राज्य के नागरिकों द्वारा दिए गए पूर्ण सहयोग और भागीदारी के लिए उनका धन्यवाद किया। इस घोषणा के साथ ही असमभर में जनगणना के अगले चरण यानी हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस की शुरुआत हो गई है, जो आगामी 15 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा। इस नए चरण में प्रशिक्षित गणनाकार खुद घर-घर जाकर आंकड़ों का मिलान और संकलन करेंगे।





















