पटना से बाहुबली नेता अनंत सिंह प्रयागराज के लिए रवाना हो चुके हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कई मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे। बिहार विधानसभा की ओर से उनकी सदस्यता खत्म करने को लेकर मांगे गए 7 दिन के जवाब के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले पर अपनी बेटी के विवाह समारोह के संपन्न होने के बाद ही प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने कहा कि पहले वे अपने निजी और जरूरी काम पूरे करेंगे और इस प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।
लालू और तेजस्वी को न्योता देने का ऐलान
अपनी आगामी पारिवारिक व्यस्तताओं के बारे में जानकारी देते हुए अनंत सिंह ने बताया कि वे अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण पत्र देने के लिए लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव सहित अन्य तमाम प्रमुख लोगों के आवास पर खुद जाएंगे। वह अपने एक करीबी मित्र के यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह में हिस्सा लेने के लिए आज इस सफर पर निकले हैं। इस मौके पर उन्होंने अपनी पुरानी और गहरी पारिवारिक मित्रता का हवाला दिया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके शुभचिंतक और समर्थक केवल बिहार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में फैले हुए हैं।
बाढ़ मुआवजे और सरेंडर की अवधि पर सफाई
केंद्र सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों को अभी तक किसी भी प्रकार का मुआवजा या सहायता राशि न मिलने को लेकर विरोधी दलों के नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयानों पर भी अनंत सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई। इस विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने अनजानता जताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है और वापस लौटने पर ही वे इस पर कुछ कह सकेंगे। इसके अलावा, अदालत द्वारा सरेंडर की मियाद बढ़ाने को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कानूनी तौर पर 4 दिसंबर तक का ही समय मिला था और मीडिया में इस संदर्भ में गलत सूचनाएं प्रसारित की गई थीं।
राजनीतिक अटकलें और कानूनी राहत
गौरतलब है कि जेडीयू से निष्कासित किए जाने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेज हो गई थीं कि अनंत सिंह राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम सकते हैं। इन तमाम कयासों के बीच कुछ समय पहले तेजस्वी यादव का बयान भी सामने आया था जिसमें उन्होंने साफ कर दिया था कि अनंत सिंह को पार्टी में शामिल करने को लेकर उनकी तरफ से कोई भी प्रस्ताव नहीं रखा गया है। दूसरी ओर, कुछ समय पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट ने बाहुबली अनंत सिंह को बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनके आत्मसमर्पण करने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर तक बढ़ा दी थी। इससे पहले अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसे बाद में संशोधित कर 4 दिसंबर कर दिया गया।



















