सिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायलबेंगलुरु में दामाद ने सिलबट्टे से की सात लोगों की हत्या, नंदी हिल्स से चिकबल्लापुर तक फेंके गए शवहिमाचल के सम्मू गांव में दिवाली पर क्यों पसरा रहता है सन्नाटा, जानिए सात पीढ़ियों से चली आ रही अनूठी परंपरासुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटापलामू के किसान संतरे की बागवानी से कमा सकते हैं लाखों रुपये, जानिए एक एकड़ की लागत और कमाई का पूरा गणितमहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिजसीतामढ़ी में श्राद्ध भोज के दौरान बेकाबू पिकअप ने 12 लोगों को रौंदा, दो की मौत और कई घायलज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के सभी चुनावी नतीजों की हो व्यापक समीक्षा, जयपुर में सचिन पायलट की बड़ी मांग
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL के दो हजार सफल अभ्यर्थियों को राहत और परीक्षा रद्द करने का आदेश खारिजझारखंड
6 नव॰ 2026, 1:27 pm (3 मिनट पहले)· 0

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL के दो हजार सफल अभ्यर्थियों को राहत और परीक्षा रद्द करने का आदेश खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को खारिज कर दिया है। अदालत के इस आदेश से करीब दो हजार सफल अभ्यर्थियों के लिए नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

रांची के न्यायिक दायरे में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस कदम को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें JSSC CGL नियुक्ति परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। अदालत के इस फैसले से करीब दो हजार उन सफल अभ्यर्थियों को बहुत बड़ी राहत मिली है जो लंबे वक्त से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से यह बात कही कि इस पूरी परीक्षा को रद्द करने के पीछे कोई भी स्पष्ट और ठोस आधार नजर नहीं आता है। अदालत ने सरकार के इस फैसले को जल्दबाजी में उठाया गया एक ऐसा कदम बताया जिसका कोई पर्याप्त औचित्य नहीं था।

सरकार के फैसले को अदालत में दी गई थी चुनौती

झारखंड में JSSC CGL परीक्षा को लेकर पिछले काफी समय से विवाद और राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई थी। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के माहौल के बीच राज्य सरकार ने इस नियुक्ति परीक्षा से जुड़े विज्ञापन को ही पूरी तरह से रद्द करने का निर्णय ले लिया था। सरकार के इसी मनमाने और एकतरफा कदम के खिलाफ अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में रमेश उरांव और नीरज खेस समेत कुल आठ अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ संयुक्त रूप से सुनवाई की गई थी। सभी पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आठ अक्टूबर को अपना फैसला पूरी तरह से सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए सरकार के फैसले को अवैध करार दिया गया है।

ये भी पढ़ें

परीक्षा रद्द करने के लिए नहीं मिला कोई ठोस आधार

अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से प्रीमेच्योर यानी जल्दबाजी में उठाया गया कदम था। इसके साथ ही बेंच ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार की तरफ से जो काउंटर एफिडेविट अदालत में दाखिल किया गया था, वह उठाए गए कदमों के बिल्कुल भी अनुकूल नहीं था। अदालत के कड़े रुख के मुताबिक परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी के महज कुछ आरोपों के आधार पर पूरी परीक्षा को ही सिरे से खारिज कर देना न्यायसंगत नहीं है, खासकर तब जब सरकार की तरफ से कोई भी ठोस और पुख्ता सबूत सामने नहीं लाया गया हो।

दागी अभ्यर्थियों की पहचान करना मुमकिन है

हाईकोर्ट ने इस मामले में एक बेहद अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल दागी और संदेहास्पद अभ्यर्थियों की पहचान करना किसी भी स्थिति में असंभव नहीं है। यदि कुछ खास अभ्यर्थियों पर परीक्षा में गड़बड़ी करने या शामिल होने के आरोप हैं तो केवल उनकी अलग से पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए सभी योग्य और सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को बीच में रोकना या फिर पूरी परीक्षा को ही रद्द कर देना बिल्कुल भी जरूरी नहीं था। अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि राज्य सरकार इस न्यायिक फैसले से इतर या इसके खिलाफ जाकर कोई भी दूसरा निर्णय नहीं ले सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस तीखे सवाल को भी उठाया कि क्या सरकार ने यह फैसला केवल सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दबाव में आकर तो नहीं लिया था।

सवाल-जवाब

झारखंड हाईकोर्ट ने किस परीक्षा से जुड़ा फैसला सुनाया है?
झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL नियुक्ति परीक्षा से जुड़ा फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट ने सरकार के किस फैसले को रद्द किया है?
अदालत ने राज्य सरकार द्वारा JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने के निर्णय को खारिज कर दिया है।
इस फैसले से कितने सफल अभ्यर्थियों को राहत मिली है?
इस फैसले से करीब दो हजार सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
इस मामले की सुनवाई किस न्यायाधीश की अदालत में हुई?
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई।
किन लोगों ने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी?
रमेश उरांव, नीरज खेस समेत कुल आठ याचिकाकर्ताओं ने सरकार के फैसले को चुनौती दी थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp