बिहार में पथ निर्माण विभाग से जुड़े इंजीनियर विजय कुमार के पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर जांच और तलाशी की कार्रवाई की गई। इस पड़ताल के दौरान सरकारी सेवा की अवधि में अर्जित आय के वैध स्रोतों की तुलना में लगभग 140 प्रतिशत अधिक की संपत्ति उजागर हुई है। प्राथमिक आकलन के मुताबिक इंजीनियर और उनकी पत्नी रानी कुमारी के पास चल एवं अचल दोनों रूपों को मिलाकर 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार 600 रुपये की अवैध संपत्ति चिन्हित की गई है, जिसमें 3 करोड़ 8 लाख 75 हजार रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।
छापेमारी की यह व्यापक कार्रवाई पटना, सहरसा और औरंगाबाद जिले में फैले ठिकानों पर एक साथ शुरू हुई। जांच दल ने पटना के दानापुर क्षेत्र में गोला रोड पर स्थित सांई शरणम आवासीय परिसर, सहरसा में पथ निर्माण विभाग के सरकारी कार्यालय व आवासीय परिसर, औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना अंतर्गत ब्राम्हण टोली स्थित पैतृक आवास तथा पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के महेश नगर में प्रेमा रेजीडेंसी अपार्टमेंट पर दस्तक दी।
गोला रोड स्थित फ्लैट में खिड़की से फेंके गए नोटों के बंडल
तलाशी अभियान के दौरान दानापुर के गोला रोड पर सांई शरणम परिसर में मौजूद फ्लैट के भीतर से एक नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब जांच दल ने फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, तब भीतर मौजूद लोगों ने दरवाजा खोलने में आनाकानी की। इसी बीच फ्लैट की खिड़कियों से कुछ लोगों ने बाहर नोटों के बंडल नीचे फेंकना शुरू कर दिया। बाहर मौजूद अधिकारियों ने नीचे फेंके गए इन तमाम रुपयों को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया।
फ्लैट के अंदर प्रवेश करने के बाद की गई सघन जांच में कई फाइलों और दस्तावेजों के बीच भी नोटों की गड्डियां छिपाकर रखी हुई बरामद हुईं। इस सांई शरणम आवास से कुल 31 लाख 42 हजार रुपये की नकदी जब्त की गई। इसके अतिरिक्त दो बैंकों में 10 लाख रुपये जमा होने के कागजात, 23 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने एवं चांदी के जेवरात, तथा एलआईसी और टाटा एआईजी सहित कई वित्तीय कंपनियों में किए गए निवेश व बीमा पॉलिसियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए।
बैंक खातों में करोड़ों रुपये और कई वाहन दर्ज
वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से सामने आया कि विजय कुमार और उनकी पत्नी रानी कुमारी के नाम पर भारतीय स्टेट बैंक में 7 और बैंक ऑफ बड़ौदा में 2 बैंक खाते संचालित किए जा रहे हैं। इन दोनों बैंकों के खातों में कुल मिलाकर 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार रुपये की राशि जमा पाई गई। इसके साथ ही इन दोनों के नाम पर वाहनों के स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड में एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और एक हुंडई आई-10 कार भी दर्ज मिली है। अधिकारियों का मानना है कि वित्तीय पड़ताल आगे बढ़ने पर इस अवैध संपत्ति के आंकड़े में और बढ़ोतरी हो सकती है।
जमीन के कई प्लॉट, बहुमंजिला इमारतें और अपार्टमेंट में फ्लैट
अचल संपत्तियों के ब्योरे से साफ हुआ कि विजय कुमार ने अपने तथा अपनी पत्नी के नाम पर बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट में पूंजी लगाई थी। दस्तावेजों के आधार पर एक फ्लैट और तीन आवासीय भूखंडों की पुष्टि हुई है। इनमें से दो भूखंडों पर सांई शरणम के नाम से बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया गया था, जिसमें एक छह मंजिला और एक तीन मंजिला इमारत शामिल है।
अचल संपत्तियों के विशिष्ट विवरण में निम्नलिखित संपत्तियां शामिल हैं
- प्रेमा रेजीडेंसी में फ्लैट: पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र अंतर्गत महेश नगर इलाके में स्थित प्रेमा रेसिडेंसी अपार्टमेंट में फ्लैट संख्या 303।
- गोला रोड पर छह मंजिला इमारत: दानापुर के गोला रोड पर विजय कुमार के नाम पर छह मंजिला विशाल मकान।
- सांई शरणम तीन मंजिला मकान: गोला रोड स्थित वास्तुगंगा कॉलोनी में सांई शरणम के नाम से तीन मंजिला आवासीय भवन।
- आवासीय भूखंड: पटना के गोला रोड स्थित रामजयपाल नगर सहकारी गृहनिर्माण समिति में पत्नी के नाम पर प्लॉट, दानापुर के सहजादपुर मौजा में एक प्लॉट, तथा उत्तर दानापुर से रामजयपाल नगर क्षेत्र में स्थित एक जमीन का टुकड़ा।
2004 से सेवा में रहते हुए अनुपातहीन संपत्ति जुटाने का आरोप
जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार विजय कुमार 22 दिसंबर 2004 को सरकारी सेवा में नियुक्त हुए थे। अपनी सेवा के दौरान वे पटना, गया, सहरसा और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर विभिन्न पदों पर पदस्थापित रहे। इस सेवाकाल के दौरान उन्होंने सरकारी वेतन और ज्ञात वैध स्रोतों से प्राप्त आय की तुलना में बड़े पैमाने पर अनुपातहीन संपत्ति खड़ी की। जांच अधिकारियों द्वारा संपत्तियों के संपूर्ण मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल अवैध राशि में और इजाफा होने की संभावना जताई गई है।



















