बिहार के मुंगेर जिले में बुधवार शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई, जिसमें तेज गति से आ रही एक दोपहिया गाड़ी की चपेट में आने से टहलने निकली महिला की जान चली गई। यह हादसा कासिम बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सफियाबाद हवाई अड्डे के रनवे पर हुआ। एक ही स्कूटी पर चार नाबालिग सवार होकर बेहद तेज गति से फर्राटा भर रहे थे। अनियंत्रित होकर वाहन सीधे टहल रही महिला से जा टकराया, जिससे रनवे परिसर में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। इस टक्कर में स्कूटी पर सवार दो नाबालिग भी चोटिल हो गए।
टहलने के दौरान हुआ जानलेवा हादसा
सड़क दुर्घटना की शिकार बनी महिला की शिनाख्त बेगमपुर विदवारा इलाके की रहने वाली आशरा देवी के तौर पर की गई है। वह रोजाना की भांति बुधवार शाम को भी खुली हवा में टहलने के लिए सफियाबाद हवाई अड्डे के रनवे की तरफ गई हुई थीं। जब वह रनवे के रास्ते से गुजर रही थीं, तभी वहां तेज गति से दौड़ रही दोपहिया गाड़ी ने उन्हें सीधी और जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगते ही महिला उछलकर जमीन पर गिर पड़ीं और उन्हें गंभीर अंदरूनी व बाहरी चोटें आईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत मुंगेर इमरजेंसी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डायल 112 की टीम ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
घटना की खबर लगते ही पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस दल ने दुर्घटनास्थल का मुआयना किया और वाहन से गिरकर चोटिल हुए दोनों नाबालिगों को फौरन इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहन पर कुल चार नाबालिग मौजूद थे। पुलिस अब इन सभी किशोरों की सही उम्र, वाहन चलाने की परिस्थितियों और लापरवाही के अन्य पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है। कानूनन कम उम्र के बच्चों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह वाहन चलाने को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पिता की अनुपस्थिति में चुपके से निकाली थी गाड़ी
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूटी चला रहे नाबालिग लड़के की मां काफी समय से अस्वस्थ हैं और उनका चिकित्सा उपचार भागलपुर में चल रहा है। बुधवार की सुबह उसके पिता राजीव रंजन अपनी बीमार पत्नी की देखभाल और हालचाल जानने के लिए भागलपुर रवाना हुए थे। पिता के घर से निकलते ही नाबालिग बेटे ने घर में खड़ी स्कूटी निकाल ली। इसके बाद वह अपने चार दोस्तों को साथ लेकर सैर-सपाटे के इरादे से हवाई अड्डा परिसर पहुंच गया। वहां से जब सभी वापस लौट रहे थे, तभी गाड़ी की रफ्तार बेकाबू हो गई और सामने टहल रहीं आशरा देवी वाहन की चपेट में आ गईं।
मेहनत-मजदूरी से चलता था पीड़ित का घर
इस आकस्मिक मौत ने एक पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। मृतका आशरा देवी के पति का निधन पहले ही हो चुका था। घर का सारा दारोमदार अकेले उनके ही कंधों पर था। वह आस-पड़ोस के घरों में चौका-बर्तन और घरेलू कामकाज करके किसी तरह अपने परिवार का पेट पालती थीं और गुजर-बसर करती थीं। घर की एकमात्र कमाऊ मुखिया के इस तरह अचानक चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है।



















