भारत और नेपाल के बीच आवाजाही करने वाले यात्रियों के लिए सीमा सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित गौरीफंटा बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने पहचान पत्र संबंधी कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब इस सीमा क्षेत्र से गुजरने वाले वयस्क नागरिकों को केवल आधार कार्ड के आधार पर भारत या नेपाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। गौरीफंटा बॉर्डर से यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है और केवल मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर ही सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है।
नया पहचान नियम और वयस्क नागरिकों के लिए जरूरी दस्तावेज
सुरक्षा बलों द्वारा जारी नई हिदायतों के अनुसार, सीमा पार करने वाले सभी वयस्क भारतीय और नेपाली नागरिकों को निर्धारित आधिकारिक पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। यदि कोई वयस्क यात्री केवल आधार कार्ड लेकर गौरीफंटा बॉर्डर पहुंचता है, तो उसे सीमा चौकी से ही वापस लौटा दिया जाएगा। अब यात्रा की अनुमति प्राप्त करने के लिए नागरिकों के पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड, वैध पासपोर्ट या सरकार द्वारा निर्धारित अन्य आधिकारिक दस्तावेज होना आवश्यक है। जांच चौकी पर तैनात अधिकारी प्रत्येक दस्तावेज की सत्यता की पुष्टि करने के बाद ही यात्रियों को आगे जाने दे रहे हैं।
नाबालिग बच्चों को मिली विशेष छूट
जहां वयस्क नागरिकों के लिए आधार कार्ड अमान्य कर दिया गया है, वहीं नाबालिग बच्चों की यात्रा को सुगम बनाए रखने के लिए नियमों में विशेष रियायत दी गई है। यदि कोई नाबालिग बच्चा अपने माता-पिता या वैध अभिभावक के साथ यात्रा कर रहा है, जिसके पास स्वयं के निर्धारित वैध दस्तावेज मौजूद हैं, तो बच्चे की पहचान सत्यापन के लिए स्कूल आईडी कार्ड या आधार कार्ड को स्वीकार किया जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह छूट केवल अभिभावकों के साथ यात्रा कर रहे बच्चों के लिए ही लागू होगी ताकि परिवारों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
तीसरे देश के नागरिकों और तिब्बती यात्रियों पर पूर्ण प्रतिबंध
गौरीफंटा बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता केवल भारतीय और नेपाली नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि तीसरे देशों के नागरिकों की आवाजाही को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों के अनुसार, लखीमपुर खीरी से लगी इस नेपाल सीमा से किसी भी तीसरे देश के नागरिक को प्रवेश या निकास की अनुमति बिल्कुल नहीं है। इस प्रतिबंध के दायरे में तिब्बती नागरिक भी शामिल हैं। तीसरे देश के नागरिकों और तिब्बती यात्रियों की आवाजाही के लिए अलग से अधिकृत इमिग्रेशन चेक पोस्ट बनाए गए हैं। ऐसे यात्रियों को उत्तराखंड स्थित बनबसा चेक पोस्ट जैसे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करना होगा।
120 किलोमीटर लंबी खुली सीमा और सुरक्षा चेकिंग
लखीमपुर खीरी जिला नेपाल के साथ लगभग 120 किलोमीटर लंबी खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। भौगोलिक रूप से खुली सीमा होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने घुसपैठ, मानव तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने की निरंतर चुनौती बनी रहती है। गौरीफंटा बॉर्डर की इंस्पेक्टर काजल कुमारी ने स्पष्ट किया है कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त कर दी गई है। यात्रियों के सामान की जांच के लिए आधुनिक स्कैनर लगाए गए हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने नेपाल यात्रा की योजना बना रहे सभी लोगों को सलाह दी है कि वे अपने साथ निर्धारित मूल पहचान दस्तावेज जरूर रखें ताकि बॉर्डर पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।



















