बिहार के कैमूर जिले में बिहार के प्रशासनिक दायरे में आने वाले मोहनिया समेकित चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग की टीम ने अवैध शराब के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने वाहनों की जांच के दौरान एक ट्रक को रोका जिसमें चंडीगढ़ से भारी मात्रा में विदेशी शराब लाई जा रही थी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई शराब की कुल कीमत बाजार में लगभग 80 से 90 लाख रुपये आंकी गई है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है और मौके से एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना और घेराबंदी
मोहनिया चेकपोस्ट प्रभारी संतोष श्रीवास्तव ने इस सफल अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया कि विभाग को एक खास गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के अनुसार चंडीगढ़ की तरफ से बिहार के भीतर अवैध शराब की एक बहुत बड़ी खेप लाए जाने की पूरी संभावना थी। सूचना मिलने के बाद विभाग ने अपनी एक विशेष रणनीति तैयार की जिसके तहत छज्जू पोखर के पास से ही कुछ कर्मचारियों को सादे कपड़ों में यानी सिविल ड्रेस में निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया था। इसके साथ ही चेकपोस्ट पर मौजूद बाकी स्टाफ भी पूरी तरह सतर्क रहकर आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच कर रहा था।
चप्पलों की कटिंग के नीचे छिपाई गई थी पेटियां
जब तयशुदा संदिग्ध वाहन मोहनिया चेकपोस्ट पर पहुंचा तो सतर्क टीम ने उसे तत्काल प्रभाव से रुकने का इशारा किया। वाहन रुकने के बाद जब चालक से पूछताछ की गई तो वह गाड़ी के माल से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या बिल्टी पेश नहीं कर सका। इसके बाद उत्पाद विभाग के कर्मियों ने आधुनिक स्कैनर और अपने अन्य उपकरणों की मदद से वाहन की बहुत गहराई से तलाशी लेनी शुरू की। इस गहन जांच-पड़ताल के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गाड़ी के अंदर जूते-चप्पलों की कटिंग के नीचे बड़े ही शातिर तरीके से विदेशी शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। वाहन की गिनती करने पर उसमें कुल 701 पेटी विदेशी शराब बरामद हुई।
कुल मात्रा और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ
उत्पाद विभाग की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार बरामद की गई शराब लीटर के हिसाब से कुल 6218 लीटर और 640 मिलीलीटर बैठती है। मौके से पकड़े गए वाहन चालक ने पूछताछ के दौरान अपना नाम नग्गा राम बताया है और वह मूल रूप से राजस्थान राज्य का रहने वाला है। फिलहाल उत्पाद विभाग के तमाम अधिकारी गिरफ्तार किए गए आरोपी से लगातार कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। विभाग यह पता लगाने की कोशिश में जुटा है कि चंडीगढ़ से चली यह अवैध शराब की भारी-भरकम खेप आखिरकार बिहार में किस जगह और किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी।
























