पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव अपने हालिया बयानों की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक बैठक के दौरान उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वैश्विक बैठकों में पाकिस्तान की सरकार शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि भारत सरकार की कोई पूछपरख नहीं है और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई अहमियत नहीं दी जा रही है। उनके इस तरह के बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचने के पूरे आसार हैं।
अंतरराष्ट्रीय बैठकों और कूटनीति पर सवाल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने वैश्विक कूटनीति पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज के समय में पाकिस्तान अमेरिका, रूस और ईरान जैसे बड़े देशों के साथ एक ही टेबल पर बैठता है, जबकि भारत वैश्विक मंचों पर कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि पड़ोसी देशों में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत की भूमिका और प्रतिक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं, जिन पर खुलकर बात होनी चाहिए।
पड़ोसी देशों के घटनाक्रम और तख्तापलट की चर्चा
बैठक के दौरान पप्पू यादव ने बांग्लादेश और नेपाल के राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ था, तब शेख हसीना को भारत लाया गया था और इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपनाया गया। उन्होंने नेपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आर्थिक मदद देने के बावजूद तख्तापलट हुआ और जेन-जी द्वारा बनाई गई मजबूत सरकार को स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या नेपाल में हुए सत्ता परिवर्तन में नरेंद्र मोदी की कोई भूमिका थी या नहीं।
भारत में सत्ता परिवर्तन की आशंका और अन्य दलों पर तंज
पड़ोसी देशों की घटनाओं का हवाला देते हुए पप्पू यादव ने दावा किया कि बांग्लादेश की तरह ही भारत में भी सत्तापलट की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश और नेपाल में युवा आंदोलनों ने सरकारें बदल दीं, वैसी ही स्थितियां अब भारत में भी पैदा हो रही हैं। इसके अलावा उन्होंने राजद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस पार्टी ने सभी अपराधियों को टिकट दिया है और अनंत सिंह के मामले पर आज बयान देने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि वे भी कभी उसी पार्टी का हिस्सा हुआ करते थे।





















