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मुजफ्फरपुर में ग्राहकों को लेकर खूनी संघर्ष: बुजुर्ग कर्मचारी को लाठियों से पीटा, सरेआम थूक चाटने पर किया मजबूरबिहार
3 घंटे पहले· 2

मुजफ्फरपुर में ग्राहकों को लेकर खूनी संघर्ष: बुजुर्ग कर्मचारी को लाठियों से पीटा, सरेआम थूक चाटने पर किया मजबूर

बिहार के मुजफ्फरपुर में ग्राहकों को लेकर दो ढाबा मालिकों के बीच हुआ विवाद खूनी जंग में बदल गया। इस दौरान एक बुजुर्ग कर्मचारी को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया और जबरन थूक चटवाया गया, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया है।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और हिंसक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक व्यस्त हाईवे पर स्थित दो ढाबों के बीच ग्राहकों को अपनी तरफ खींचने की रोजमर्रा की होड़ ने एक भयानक और जानलेवा रूप ले लिया। यह कारोबारी दुश्मनी इतनी ज्यादा बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच जमकर खून-खराबा हुआ और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस खूनी खेल के दौरान इंसानियत तब पूरी तरह से तार-तार हो गई जब एक ढाबे के बेबस बुजुर्ग कर्मचारी को बंधक बनाकर उसके साथ हैवानियत की गई और उसे सरेआम थूक चाटने पर मजबूर किया गया। इस पूरी खौफनाक वारदात का मौके पर मौजूद किसी शख्स ने मोबाइल से वीडियो बना लिया जो अब इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और दोनों गुटों की तरफ से पुलिस में केस दर्ज करा दिया गया है जिसके बाद मामले की जांच शुरू हो चुकी है।

हाईवे पर वर्चस्व की खूनी जंग

यह पूरा हिंसक बवाल मुजफ्फरपुर के करजा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले भागवतपुर के पास मौजूद नेशनल हाईवे 722 पर हुआ। इस लंबे और व्यस्त रास्ते पर हर समय मुसाफिरों और बड़े ट्रकों की भारी भीड़ रहती है, और यही गुजरने वाले लोग हाईवे के आसपास के ढाबों की कमाई का मुख्य जरिया होते हैं। इसी कमर्शियल इलाके में यूपी ढाबा और एमपी ढाबा नाम से दो खाने-पीने की दुकानें बिल्कुल अगल-बगल चलती हैं। रोजमर्रा के ग्राहकों को अपनी दुकान पर बुलाने और ज्यादा मुनाफा कमाने की आम सी होड़ धीरे-धीरे एक बड़ी रंजिश में तब्दील हो गई। यही बढ़ता हुआ आपसी तनाव अंततः एक बड़े हिंसक टकराव की वजह बन गया जिसने हाईवे की शांति को पूरी तरह से भंग कर दिया और यातायात को भी प्रभावित किया।

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दोनों दुकानों के लोगों के बीच अचानक से हालात बेकाबू हो गए और भारी तादाद में लोग एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। मौके पर लाठी-डंडों के साथ जबरदस्त मारपीट शुरू हो गई और हाईवे का यह हिस्सा किसी युद्ध के मैदान में बदल गया। बताया जा रहा है कि इस भयानक लड़ाई में दोनों तरफ से छह से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं। इस अफरातफरी और बेकाबू हिंसा के बीच यूपी ढाबा का मुख्य संचालक किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब रहा। लेकिन उसका एक बुजुर्ग कर्मचारी, जिसकी पहचान प्रशासन ने राम विनोद ठाकुर के रूप में की है, हमलावरों के हत्थे चढ़ गया। विरोधी गुट के गुस्से से भरे लोगों ने उस लाचार बुजुर्ग को चारो तरफ से घेर लिया और भागने का कोई मौका नहीं दिया।

बुजुर्ग के साथ अमानवीय क्रूरता

इसके बाद उस बुजुर्ग के साथ जो सुलूक किया गया, वह समाज के लिए बेहद खौफनाक था। गुस्साए लोगों ने उस बुजुर्ग को एक लकड़ी की चौकी पर जबरन बैठा दिया और उसे हिलने तक नहीं दिया। फिर हमलावरों ने लोहे के मोटे पाइपों और लाठियों से उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। शारीरिक मारपीट के साथ-साथ हमलावरों ने उस व्यक्ति को भद्दी-भद्दी गालियां भी दीं और उसका मानसिक उत्पीड़न किया। क्रूरता की सारी हदें तब पार हो गईं जब उन लोगों ने उस बेबस इंसान को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए जमीन पर पड़ा थूक चाटने के लिए मजबूर किया। वहां तमाशबीन बनी भीड़ में से ही किसी ने इस पूरी अमानवीय घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया के हर छोटे-बड़े प्लेटफॉर्म पर फैल गया, जिसे देखकर आम जनता में भारी गुस्सा भर गया है और लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की लगातार मांग कर रहे हैं।

दोनों पक्षों ने दर्ज कराए मुकदमे

इस भारी जन आक्रोश और वीडियो के वायरल होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आपराधिक इल्जाम लगाते हुए करजा थाने में अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई है। यूपी ढाबा का संचालन करने वाले कर्नल प्रसाद यादव ने खुद थाने पहुंचकर पुलिस को अपनी विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने एमपी ढाबा से सीधे तौर पर जुड़े देवेंद्र राय, जितेंद्र कुमार और अखिलेश राय पर संगीन आरोप लगाया है कि इन लोगों ने पूरे दल-बल के साथ उनके ढाबे में जबरदस्ती घुसकर भारी तोड़फोड़ की। कर्नल प्रसाद यादव का स्पष्ट कहना है कि हमलावरों ने उनके कर्मचारियों को बुरी तरह पीटा, संपत्ति का नुकसान किया और गल्ले में रखे दिन भर की कमाई के सारे पैसे भी लूट कर अपने साथ ले गए।

दूसरी तरफ, विरोधी खेमे ने भी पुलिस के पास जाकर अपना बचाव करते हुए उल्टा क्रिमिनल केस दर्ज कराया है। एमपी ढाबा के संचालक देवेंद्र राय ने पुलिस प्रशासन को दी गई अपनी शिकायत में यूपी ढाबा के मालिक और उसके हथियारबंद साथियों को इस पूरे फसाद की असली जड़ बताया है। उनका सीधा आरोप है कि लड़ाई की शुरुआत यूपी ढाबा वालों ने की थी, जो पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से उनकी दुकान की सीमा में घुसे, उनके स्टाफ के साथ गाली-गलौज शुरू की और बिना किसी उकसावे के मारपीट पर उतारू हो गए।

पुलिस कर रही वीडियो की जांच

स्थानीय पुलिस महकमा अब इन दोनों तरफ से आ रहे विरोधाभासी बयानों और आरोपों की गहराई से जांच कर रहा है। करजा थाने के एसएचओ राम इकबाल प्रसाद ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से मिली लिखित शिकायतों के आधार पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की पुलिस की तकनीकी टीम अपने स्तर पर पूरी जांच कर रही है। वीडियो में जो भी लोग खुलेआम मारपीट और बदसलूकी करते हुए नजर आ रहे हैं, उनकी बारीकी से पहचान करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने जनता को पूरा भरोसा दिलाया है कि निष्पक्ष तफ्तीश पूरी होने के बाद जो भी लोग इस अमानवीय कृत्य में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

सरेआम हिंसा का बढ़ता चलन

यह दर्दनाक घटना मुजफ्फरपुर में लगातार बढ़ते हिंसक रुझान का एक और ताजा उदाहरण है। अभी कुछ ही दिन पहले इसी शहर में एक बड़े पुलिस थाने के ठीक बाहर दिनदहाड़े ऐसा ही एक भारी हंगामा देखने को मिला था। उस वक्त महज सड़क पर गाड़ी को साइड देने जैसी छोटी सी बात को लेकर मोटरसाइकिल और ऑटो रिक्शा चलाने वालों के बीच भयंकर और खूनी लड़ाई हो गई थी। बार-बार होने वाली ऐसी बेलगाम हिंसक घटनाएं इलाके में कानून-व्यवस्था की जमीनी स्थिति और आम लोगों के बीच तेजी से खत्म होते संयम पर कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

सवाल-जवाब

मुजफ्फरपुर के भागवतपुर में विवाद किस बात को लेकर हुआ?
यह विवाद यूपी ढाबा और एमपी ढाबा के बीच ग्राहकों को अपनी तरफ बुलाने की कारोबारी प्रतिस्पर्धा को लेकर हुआ था।
मारपीट की इस घटना में कितने लोग घायल हुए?
इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के आधा दर्जन (छह) से अधिक लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
वायरल वीडियो में बुजुर्ग के साथ क्या किया जा रहा है?
वीडियो में हमलावर एक बुजुर्ग कर्मचारी को लाठी और लोहे के पाइप से पीट रहे हैं और उसे जबरन थूक चाटने पर मजबूर कर रहे हैं।
यूपी ढाबा के संचालक ने पुलिस को क्या शिकायत दी है?
कर्नल प्रसाद यादव ने शिकायत दी है कि विरोधी पक्ष ने उनके ढाबे में तोड़फोड़ की, कर्मचारियों को पीटा और गल्ले से पैसे लूट लिए।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
करजा थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की एफआईआर दर्ज कर ली है और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच कर आरोपियों की पहचान कर रही है।
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