बिहार की राजधानी पटना में एक साथ कई जगहों पर बम की धमकी वाले ईमेल मिलने से भारी दहशत फैल गई है। राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मुख्यमंत्री आवास और बिहार सचिवालय सहित कई अहम ठिकानों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है। इस अप्रत्याशित और सनसनीखेज घटना के बाद पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस महकमा, विशेष सुरक्षा दल और विभिन्न जांच एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गई हैं। राजधानी के सभी संवेदनशील परिसरों की सघन घेराबंदी कर दी गई है और सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं। प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है, इसलिए पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है।
वीआईपी इलाकों में सुरक्षा बलों का व्यापक सर्च ऑपरेशन
बम की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता मुख्यमंत्री आवास और बिहार सचिवालय पहुंच गए। राज्य की सत्ता के इन दोनों प्रमुख केंद्रों के कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है और हर आने-जाने वाले पर सख्त नजर रखी जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और सर्च ऑपरेशन की खुद निगरानी कर रहे हैं। सिटी एसपी (सेंट्रल) ममता कल्याणी ने हालात की जानकारी देते हुए कहा, "जहां-जहां ईमेल में धमकी का जिक्र किया गया है, उन सभी स्थानों पर जांच कराई जा रही है।" पुलिस की साइबर विंग यह पता लगाने के लिए गहन तकनीकी जांच कर रही है कि यह संदेश किस आईपी एड्रेस या विदेशी सर्वर का इस्तेमाल करके भेजा गया था। फिलहाल किसी भी जगह से कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया है और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।
दानापुर के चार प्रमुख स्कूलों को भी निशाना बनाने की धमकी
राजधानी में खौफ का यह सिलसिला केवल सरकारी इमारतों तक ही सीमित नहीं रहा। मंगलवार को ही पटना के दानापुर इलाके में स्थित चार बड़े निजी स्कूलों को भी इसी तरह के डरावने ईमेल प्राप्त हुए। इन प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दिल्ली पब्लिक स्कूल की सीनियर और जूनियर विंग, आर्मी पब्लिक स्कूल और रेडियंट इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं। स्कूलों के प्रशासन ने धमकी भरा मेल देखते ही तत्परता दिखाई और बिना कोई समय गंवाए सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें तुरंत उनके अभिभावकों के सुपुर्द करने की व्यवस्था की गई। इस घटना से स्कूली बच्चों और उनके माता-पिता में भारी घबराहट देखी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने स्कूल परिसरों में पहुंचकर चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी शुरू कर दी। क्लासरूम से लेकर खेल के मैदान तक हर जगह की चेकिंग की जा रही है।
खालिस्तानी आतंकी गुट के दावे ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
इस पूरी घटना में एक बेहद गंभीर और खतरनाक आतंकी पहलू भी सामने आ रहा है। शुरुआती छानबीन के मुताबिक, धमकी भरे ईमेल भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को एक खालिस्तानी आतंकी गुट का सदस्य बताते हुए इन सभी स्थानों को निशाना बनाने की बात लिखी है। उसने सीधे तौर पर राज्य के अहम संस्थानों और मासूम स्कूली बच्चों के परिसरों में तबाही मचाने की गीदड़भभकी दी है। हालांकि, पुलिस अभी इस खालिस्तानी दावे की प्रामाणिकता की गहराई से जांच कर रही है। इसे समाज में दहशत फैलाने की एक सोची-समझी साजिश भी माना जा रहा है। साइबर सेल की टीमें ईमेल की जड़ों तक पहुंचने और इसे भेजने वाले असली अपराधियों की पहचान उजागर करने में दिन-रात जुटी हैं। इस बीच, पटना पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर गश्त तेज कर दी है। खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है और आम नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु को देखते ही तुरंत प्रशासन को सूचित करें।



















