बिहार में लागू शराबबंदी के दावों के बीच राजधानी पटना में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के नया टोला इलाके में 8 अगस्त 2026, शनिवार की शाम शराब के नशे में धुत कार सवारों ने सड़क पर कोहराम मचा दिया। नशे की हालत में वाहन चला रहे इन युवकों ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। इस पूरी घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क पर मची अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है।
अनियंत्रित कार ने कई वाहनों को मारी टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक अनियंत्रित स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया और टक्कर मार दी। इसके बाद कार चालकों ने वाहन को एक दुकान के अंदर घुसाने की भी कोशिश की। इस खतरनाक ड्राइविंग को देखकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जब कार में सवार दोनों युवकों ने वहां से भागने का प्रयास किया, तो आक्रोशित जनता ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। गुस्साई भीड़ ने आरोपियों के कपड़े तक फाड़ दिए और उनकी गाड़ी को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस टीम के साथ भी हुई हाथापाई
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने जब दोनों युवकों को उग्र भीड़ के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, तो एक आरोपी युवक पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई पर उतर आया। इस दौरान पुलिस और स्थानीय भीड़ के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कड़ी मशक्कत और भारी जद्दोजहद के बाद पुलिस दोनों घायल युवकों को भीड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल पाई और इलाज के लिए फुलवारी शरीफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई।
आरोपियों की हुई पहचान और पुलिस की कार्रवाई
फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कार के अंदर रंजीत कुमार और रंजीत चौहान सवार थे। प्रारंभिक जांच और पुलिस के बयानों के अनुसार, दोनों युवक अत्यधिक मात्रा में शराब के नशे में थे। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से छानबीन कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
शराबबंदी पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर राज्य में शराबबंदी कानून के पालन और प्रशासनिक सख्ती पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब प्रदेश में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है, तो आखिर इन युवकों को इतनी भारी मात्रा में शराब कहां से मिली और उन तक अवैध शराब की खेप कैसे पहुंची? इस तरह नशे की हालत में गाड़ी चलाना न केवल कानून का खुला उल्लंघन है, बल्कि सड़क पर चलने वाले बेकसूर आम नागरिकों की जान के लिए भी बड़ा खतरा है। पटना की इस घटना ने सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर फिर से बहस छेड़ दी है।



















