जयपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के एक विवादास्पद बयान के बाद सूबे की राजनीति में गर्माहट आ गई है। इस प्रकरण पर विपक्षी दल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सत्ताधारी दल को घेरने का काम किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां हर कोई इस बयान के निहितार्थ तलाशने में जुटा हुआ है।
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में दिया गया बयान
राजधानी जयपुर स्थित भाजपा के प्रांतीय मुख्यालय में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस सभा को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने एक टिप्पणी की थी कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच टकराव की स्थिति बनती है, तो भारत को पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान का समर्थन करना चाहिए। अपनी इस बात के पक्ष में उन्होंने पड़ोसी धर्म निभाने की बात कही थी, जिसके सार्वजनिक होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं।
कांग्रेस नेताओं का तीखा पलटवार
इस बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने पुरानी राजनीतिक घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा के राष्ट्रवाद के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाए। डोटासरा ने नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा, लालकृष्ण आडवाणी के जिन्ना की मजार जाने और अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर बस यात्रा का हवाला देते हुए भाजपा के वैचारिक रुख पर सवाल खड़े किए। इसके साथ ही डोभाल परिवार के कारोबारी रिश्तों का मुद्दा उठाकर भी पलटवार किया गया।
प्रताप सिंह खाचरियावास ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी इस मामले में पीछे न रहते हुए भाजपा की मंशा पर सवालिया निशान लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर पाकिस्तान को लेकर स्पष्ट नीति का अभाव है और पार्टी मुख्यालय में इस प्रकार की बातें केवल अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने के लिए की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आम जनता सब कुछ भली-भांति समझ रही है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब दिया जाएगा।
मदन राठौड़ ने दी अपनी सफाई
विवाद बढ़ता देख भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सामने आकर अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मुकाबले वाली उनकी टिप्पणी असल में क्रिकेट के संदर्भ में थी, न कि किसी युद्ध के संदर्भ में। उन्होंने पाकिस्तान के प्रति किसी भी तरह के प्रेम के आरोपों को सिरे से खारिज किया और अपने मजबूत राष्ट्रवादी रुख का हवाला दिया।
प्रदेश की सियासत में तेज हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा जहां इस पूरे मामले को बयानों को गलत तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश करने का षड्यंत्र बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लेकर लगातार हमलावर है और पार्टी की राष्ट्रवादी विचारधारा की नीयत पर सवाल उठा रही है।


















