देश के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में गिने जाने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ ने अपने समर प्लेसमेंट सीजन यानी बैच 2025-27 के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और बाजार की तमाम अनिश्चितताओं के बीच संस्थान के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर प्रतिभाओं की मांग हर समय बनी रहती है। इस प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान संस्थान के 41वें पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम और 22वें एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट बैच के छात्र-छात्राओं को देश-विदेश की नामी कंपनियों से इंटर्नशिप के बेहतरीन प्रस्ताव मिले हैं।
रिकॉर्ड तोड़ स्टाइपेंड और वित्तीय आंकड़े
आईआईएम लखनऊ के इस सीजन ने पिछले कई वर्षों के सभी पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इस बार के नतीजों में औसत स्टाइपेंड के स्तर पर 16.5 प्रतिशत और मीडियन स्टाइपेंड के स्तर पर 14.5 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। मैकिंसे, बीसीजी, बैन और गोल्डमैन सैक्स जैसी पुरानी और दिग्गज कंपनियों ने संस्थान पर अपना पुराना भरोसा पूरी तरह कायम रखा है। इसके साथ ही दर्जनों नई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी पहली बार कैंपस ड्राइव में हिस्सा लेते हुए भारी संख्या में नियुक्तियां की हैं जिससे छात्रों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
विभिन्न डोमेन में अवसरों का बंटवारा
अगर विभिन्न सेक्टर और डोमेन के आधार पर ऑफर्स के वितरण को देखा जाए तो कंसल्टिंग सेक्टर ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित किया है। कुल मिले प्रस्तावों में से सबसे बड़ा यानी 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले कंसल्टिंग क्षेत्र से आया है जहां बैन एंड कंपनी, मैकिंसे, बीसीजी और कार्नी जैसी कंपनियों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। इसके अलावा आईटी और एनालिटिक्स क्षेत्र में 19 प्रतिशत छात्रों ने जगह बनाई क्योंकि तकनीक और डेटा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। फाइनेंस तथा सेल्स और मार्केटिंग सेक्टर्स में 18-18 प्रतिशत की बराबरी की टक्कर देखने को मिली है जबकि ऑपरेशंस और जनरल मैनेजमेंट के खाते में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी आई है।
नए रिक्रूटर्स की एंट्री और छात्र प्रोफाइल
इस बार के प्लेसमेंट सीजन में कैंपस का रुख करने वाले नए नियोक्ताओं की सूची काफी लंबी और प्रभावशाली रही है। इनमें डीई शॉ, क्रिसिल, नेस्ले, मॉर्गन स्टेनली आईबी, सेल्सफोर्स, मोंडेलेज इंटरनेशनल, एटरनल और गालडर्मा जैसे कई बड़े वैश्विक नाम शामिल हैं। कुल 572 विद्यार्थियों वाले इस बैच में 30 प्रतिशत छात्राएं और 70 प्रतिशत छात्र शामिल थे। अगर कार्य अनुभव की बात की जाए तो 60 प्रतिशत से अधिक छात्रों के पास पहले से ही एक से तीन साल का कॉरपोरेट अनुभव मौजूद था जिसका उन्हें चयन प्रक्रिया में पूरा लाभ मिला।


















