बिहार के मुंगेर जिले से सावन के पावन महीने के बीच एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बरियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रतनपुर गांव में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन अचानक टूटकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से चाचा और भतीजे की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। इस घटना में जान गंवाने वालों में एक बिहार पुलिस का सिपाही और दूसरा भारतीय रेलवे का कर्मचारी था। सावन के पवित्र माहौल के बीच एक ही परिवार के दो कमाने वाले सदस्यों की इस अचानक हुई असमय मौत से पूरे गांव में गहरा शोक छा गया है। परिजनों की चीख-पुकार से इलाके का माहौल बेहद गमगीन बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करने लगे।
सुबह की सैर के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
यह भीषण हादसा रविवार की सुबह उस समय घटित हुआ जब रतनपुर गांव में लोग अपने दैनिक कार्यों में लगे थे। घर के पास स्थित बिजली के ट्रांसफॉर्मर के समीप से होकर गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन अचानक जर्जर होकर नीचे गिर पड़ी। ठीक उसी समय घर से बाहर टहलने निकले पंकज और उनके भतीजे अमन उस टूटे हुए तार की सीधे चपेट में आ गए। हाईटेंशन लाइन में प्रवाहित हो रहा विद्युत प्रवाह इतना तेज था कि दोनों को संभलने का एक मौका भी नहीं मिला। तेज करंट लगते ही दोनों की घटनास्थल पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। तार गिरते ही हुए जोरदार धमाके और चीख-पुकार को सुनकर आसपास के लोग बदहवास होकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों दम तोड़ चुके थे।
बाबा बैद्यनाथ धाम जाने की तैयारी में जुटा था परिवार
हादसे का शिकार हुआ भतीजा अमन बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत था और उसकी तैनाती समस्तीपुर जिले में थी। सावन के पवित्र महीने में झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने की इच्छा से अमन दो दिन पहले ही समस्तीपुर से छुट्टी लेकर अपने गांव रतनपुर पहुंचा था। परिवार में खुशी का माहौल था और वह रविवार की शाम को ही बाबा धाम की धार्मिक यात्रा पर रवाना होने वाला था। वहीं उसके चाचा पंकज भारतीय रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहे थे। दोनों ही अपने परिवार के मुख्य आर्थिक आधार थे। धार्मिक यात्रा की तैयारियों के बीच इस अचानक हुए वज्रपात से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं है, बल्कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही का नतीजा है। लोगों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से झूलते और जर्जर हाईटेंशन तारों तथा ट्रांसफॉर्मर के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था। यदि समय रहते इन तारों की मरम्मत या नियमित निगरानी की गई होती, तो आज दो होनहार युवाओं की जान नहीं जाती। आक्रोशित ग्रामीणों ने विभाग के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग उठाई है कि पीड़ित परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही बरियारपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत दल-बल के साथ रतनपुर गांव पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। विद्युत लाइन टूटने के तकनीकी कारणों और विभागीय लापरवाही की भी जांच की जाएगी ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। इस हादसे ने ग्रामीण इलाकों में बिजली के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और मेंटेनेंस की पोल खोलकर रख दी है।



















