यूएस-कनाडा टैरिफ पर रोक और फेड ब्याज दर की घटती उम्मीदों से गिरा USD/CAD, 1.3790 के करीब पहुंचाकोलंबो में 23 अगस्त से भिड़ेंगे भारत और श्रीलंका, सीरीज 2-0 से कब्जाने पर टीम इंडिया की नजरगैस पर बार-बार उबलकर गिरता है दूध? इन 5 आसान उपायों से बचाएं समय और पोषणबोट ने भारत में लॉन्च किए 8 नए पार्टीपाल स्पीकर्स, ₹9,499 से शुरू होती है कीमतदरभंगा दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का कर्पूरी ग्राम पर ठहराव शुरू, चेक करें नया टाइम टेबलनैनीताल में मतदाता सूची के नोटिस पर घबराएं नहीं, एडीएम विवेक राय ने बताया नियम और प्रक्रियाविभा शर्मा और डायना बॉमराइंड के शोध के आइने में समझें अत्यधिक सख्त पेरेंटिंग के 4 गंभीर प्रभावबोर्ड के निलंबन और भ्रष्टाचार जांच के बीच मोंटी देसाई ने 3 महीने बाद छोड़ा कनाडाई टीम के हेड कोच का पदइंस्टामार्ट से मंगवाई एनर्जी ड्रिंक के साथ निकले जिंदा कॉकरोच, अभिनेत्री श्वेता तिवारी पूछने लगीं तुकाराम मुंढे का पताउत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की संख्या 120 तक पहुंचने का अनुमान, डोनाल्ड ट्रंप का दावा निकला काफी कम
समस्तीपुर में पैसेंजर ट्रेन हुई लेट तो सोनपुर डीआरएम अमित सरन ने अपने स्पेशल इंस्पेक्शन कोच से 40 परीक्षार्थियों को समय पर पहुंचाया केंद्रबिहार
20 अग॰ 2026, 12:17 pm (1 घंटे पहले)· 2

समस्तीपुर में पैसेंजर ट्रेन हुई लेट तो सोनपुर डीआरएम अमित सरन ने अपने स्पेशल इंस्पेक्शन कोच से 40 परीक्षार्थियों को समय पर पहुंचाया केंद्र

समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर ट्रेन लेट होने से 40 से अधिक परीक्षार्थियों की स्नातक परीक्षा छूटने का खतरा पैदा हो गया था, जिसे सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अमित सरन ने अपनी विशेष निरीक्षण गाड़ी में बिठाकर समय पर केंद्र पहुंचाया।

बिहार के समस्तीपुर जिले में भारतीय रेलवे का एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय रूप देखने को मिला, जहां एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की त्वरित मदद से दर्जनों विद्यार्थियों का भविष्य खराब होने से बच गया। स्नातक की महत्वपूर्ण परीक्षा देने जा रहे 40 से अधिक परीक्षार्थियों की सवारी गाड़ी काफी देर से चल रही थी, जिससे उनके समय पर परीक्षा भवन न पहुंच पाने की गंभीर आशंका बन गई थी। संकट की इस घड़ी में सोनपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अमित सरन एक मददगार के रूप में सामने आए। उन्होंने किसी भी औपचारिकता में समय गंवाए बिना अपनी ही विशेष निरीक्षण गाड़ी में सभी छात्र-छात्राओं को बिठाकर आगे रवाना किया, जिससे सभी परीक्षार्थी समय रहते अपनी परीक्षा में बैठ पाए।

75246 डाउन पैसेंजर में देरी से बढ़ी थी परीक्षार्थियों की घबराहट

यह पूरा वाकया बुधवार की सुबह का है, जब बड़ी संख्या में स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं दलसिंहसराय स्थित अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की उम्मीद में शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर जमा हुए थे। इन अभ्यर्थियों को 75246 डाउन पैसेंजर ट्रेन पकड़नी थी, जिसका शाहपुर पटोरी स्टेशन पर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 7 बजकर 57 मिनट था। हालांकि, किसी तकनीकी या परिचालन संबंधी कारण से यह ट्रेन अपने नियत समय से लगभग 1 घंटा 24 मिनट की भारी देरी से चल रही थी। जैसे-जैसे घड़ी की सूइयां आगे बढ़ रही थीं, स्टेशन पर इंतजार कर रहे युवाओं के चेहरे पर मायूसी और चिंता साफ झलकने लगी थी। अगर वे तय समय पर केंद्र नहीं पहुंचते तो उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिरने का पूरा खतरा मंडरा रहा था।

ये भी पढ़ें

स्टेशन निरीक्षण के दौरान जब डीआरएम की नजर पड़ी

उसी समय सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अमित सरन अपने विशेष निरीक्षण कोच के साथ शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वे वहां नियमित स्टेशन निरीक्षण के सिलसिले में आए हुए थे। अपना निरीक्षण कार्य पूरा करने के बाद जब डीआरएम प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़े, तब उन्होंने वहां भारी संख्या में परेशान और तनावग्रस्त स्थिति में खड़े विद्यार्थियों को देखा। मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने खुद छात्रों के पास जाकर उनकी परेशानी का कारण पूछा। परीक्षार्थियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि पैसेंजर ट्रेन के डेढ़ घंटे से ज्यादा लेट होने के कारण वे दलसिंहसराय में होने वाली स्नातक परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे और उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो जाएगा।

विशेष निरीक्षण कोच से विद्यापति धाम तक का सफर

छात्रों की व्यथा और समय की नजाकत को समझते हुए डीआरएम अमित सरन ने तुरंत संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के करीब 40 से अधिक छात्र-छात्राओं को अपने साथ स्पेशल इंस्पेक्शन कोच में चढ़ने की अनुमति दे दी। इसके बाद डीआरएम की विशेष ट्रेन परीक्षार्थियों को लेकर शाहपुर पटोरी से सीधे विद्यापति धाम स्टेशन के लिए रवाना हुई। विद्यापति धाम स्टेशन पर उतरने के बाद छात्रों ने वहां से उपलब्ध सड़क साधनों के जरिए अपनी आगे की यात्रा पूरी की और दलसिंहसराय स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने से पहले सही समय पर पहुंच गए।

छात्रों और अभिभावकों ने की त्वरित कदम की तारीफ

डीआरएम के इस मानवीय और त्वरित फैसले की हर तरफ काफी सराहना की जा रही है। एक राहत महसूस कर रहे परीक्षार्थी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "पैसेंजर ट्रेन लेट होने के कारण हमारी परीक्षा छूट जाती, लेकिन डीआरएम सर की समय पर मिली मदद से हम परीक्षा केंद्र पहुंच सके।" यदि उस मोड़ पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने यह असाधारण कदम न उठाया होता, तो कई मेधावी युवाओं को अपनी परीक्षा से वंचित होना पड़ता। इस घटना ने साबित कर दिया है कि जनसेवा का असली अर्थ संकट के समय त्वरित और संवेदनशील फैसला लेना ही है।

सवाल-जवाब

समस्तीपुर में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचाने के लिए किसने मदद की?
सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अमित सरन ने अपनी विशेष निरीक्षण ट्रेन से परीक्षार्थियों को विद्यापति धाम स्टेशन तक पहुंचाया।
परीक्षार्थियों की ट्रेन कितने समय लेट चल रही थी?
शाहपुर पटोरी स्टेशन पर 75246 डाउन पैसेंजर ट्रेन निर्धारित समय सुबह 7:57 से करीब 1 घंटा 24 मिनट की देरी से चल रही थी।
छात्रों को किस परीक्षा केंद्र पर पहुंचना था?
छात्रों को स्नातक की परीक्षा देने के लिए दलसिंहसराय स्थित अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचना था।
डीआरएम ने कितने छात्र-छात्राओं की मदद की?
डीआरएम अमित सरन ने 40 से अधिक छात्र-छात्राओं को अपने स्पेशल इंस्पेक्शन कोच में बिठाकर समय पर रवाना किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·42 मिनट पहले

यह घटना नौकरशाही की संवेदनशीलता और जमीनी स्तर पर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण है। हालांकि, यह मामला बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रेलवे के समय प्रबंधन और परिचालन संबंधी कमजोरियों को भी उजागर करता है, जहां एक अकेली ट्रेन की देरी सैकड़ों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल सकती है। भविष्य में इस प्रकार के संकटों से निपटने के लिए नियमित ट्रेनों के समय पालन में सुधार करना आवश्यक होगा, ताकि हर बार प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता न पड़े।

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 मिनट पहले

रॉहन वर्मा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह प्रकरण प्रशासनिक तत्परता और जनहित में नियमों के लचीलेपन की मिसाल है, जो यह भी दर्शाता है कि कैसे संकट के वक्त त्वरित निर्णय बड़े शैक्षणिक नुकसान को टाल सकता है। यद्यपि ऐसे वीवीआईपी हस्तक्षेप से तात्कालिक राहत मिली, लेकिन यह घटना परिचालन स्तर पर जवाबदेही तय करने और नियमित समय सारणी की विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देती है, ताकि यात्रियों और छात्रों को अप्रत्याशित देरी का सामना न करना पड़े।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR