बिहार के हाजीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां सराय थाना क्षेत्र के प्रबोधि नरेंद्र गांव में एक दिव्यांग व्यक्ति की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। शनिवार की रात को अंजाम दी गई इस सनसनीखेज घटना के बाद से समूचे इलाके में खौफ और सन्नाटे का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सराय थाना पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद फॉरेंसिक साइंस लैब की विशेष टीम ने भी घटनास्थल का रुख किया और मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू की।
फूस के मकान में खून से लथपथ मिला शव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रबोधि नरेंद्र गांव के निवासी शंकर सिंह के रूप में की गई है, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग थे। शनिवार रात को रोज की तरह रात्रि भोज करने के पश्चात शंकर सिंह अपने मुख्य पारिवारिक मकान के ठीक बगल में स्थित फूस के एक कमरे में सोने चले गए थे। रविवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई गतिविधि नहीं दिखी, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
संदेह होने पर मृतक के भाई कमरे के भीतर पहुंचे, जहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। शंकर सिंह बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े थे और उनका गला तेजधार हथियार से रेता गया था। भाई के शोर मचाने पर परिजनों और पड़ोसियों की भीड़ जमा हो गई। इस अमानवीय कृत्य की खबर जंगल में आग की तरह फैली और गांव के लोग दहशत में आ गए।
अविवाहित थे शंकर, एकांत में करते थे जीवनयापन
मृतक के पारिवारिक परिवेश और जीवनस्थिति के विषय में पता चला है कि परिवार में कुल पांच भाई थे। इनमें से एक भाई की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, जबकि तीन भाई जीवित हैं। शंकर सिंह अविवाहित थे और अपनी दिव्यांगता के कारण घर के समीप बने फूस के अलग मकान में अकेले रहकर जीवन व्यतीत करते थे।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, शंकर सिंह की किसी से कोई सीधी दुश्मनी सामने नहीं आई है। हालांकि, पुलिस इस बात की गहनता से तहकीकात कर रही है कि क्या इस जघन्य हत्याकांड के पीछे किसी पुरानी रंजिश, संपत्ति विवाद या किसी तात्कालिक विवाद का हाथ है। पुलिस परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से पूछताछ कर कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों का छापा
वारदात की सूचना प्राप्त होते ही सराय थाना पुलिस दल-बल के साथ गांव पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर एसडीपीओ-2 गोपाल मंडल और एफएसएल की विशेषज्ञ टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने फूस के घर के अंदरूनी हिस्से, फर्श, बिस्तरों और बाहर जाने वाले रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया।
विशेषज्ञों की टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट, पदचिह्न तथा अन्य जैविक साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि हत्यारों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस इस बात का भी तकनीकी विश्लेषण कर रही है कि वारदात में कितने अपराधी शामिल थे, वे किस रास्ते से कमरे में दाखिल हुए और हत्या को अंजाम देने के बाद किस दिशा में भागे।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, छापेमारी जारी
पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया और पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक समय और प्रयुक्त हथियार के संबंध में अधिक स्पष्टता प्राप्त होगी।
वर्तमान में पुलिस की कई टीमें संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आसपास के क्षेत्रों में संभावित गवाहों से पूछताछ जारी है। सराय थाना पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर अपराधियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



















