तेलंगाना के साइबराबाद कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले पेड्डाकंजेरला गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तालाब में डूबने से छह छात्रों की जान चली गई। पुलिस ने इस हृदयविदारक घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि ये सभी युवक विसर्जन कार्यक्रम के दौरान अनजाने में गहरे पानी में चले गए थे।
तालाब में कैसे हुआ यह हादसा
यह पूरी दुर्घटना साइबराबाद कमिश्नरेट के पटनचेरु पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नेरेडु चेरुवु तालाब के पास हुई। जिनकी जान गई है, उनकी उम्र 17 से 22 साल के बीच बताई गई है। जब ये सभी युवक गणेश प्रतिमा विसर्जन में शामिल होने पहुंचे थे, तब गलती से संतुलन बिगड़ने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे इस जलाशय में गिर गए और बाहर नहीं निकल सके।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत पानी में उतरकर उन युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान नरसिम्हा, तेजा, सिद्धार्थ, गणेश, सुमंत रेड्डी और उदय किरण के रूप में हुई है। नरसिम्हा की उम्र 21 साल, तेजा की 17 साल, सिद्धार्थ की 17 साल, गणेश की 18 साल, सुमंत रेड्डी की 17 साल और उदय किरण की उम्र 22 साल थी।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने जताया गहरा शोक
राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस विनायक विसर्जन के दौरान हुई छह छात्रों की असामयिक मौत पर अत्यधिक दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं और जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता मुहैया कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए हैं ताकि किसी अन्य अनहोनी को रोका जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर ली गई पूरी जानकारी
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सीताक्का ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और शोककुल परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मंत्री सीताक्का ने संगारेड्डी के जिला कलेक्टर से टेलीफोन पर बातचीत की और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने दुर्घटना के वास्तविक कारणों, चलाए गए राहत कार्यों और परिवारों को दी जा रही सरकारी सहायता के बारे में रिपोर्ट मांगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश
घटना की प्रामाणिक जानकारी जुटाने के लिए मंत्री ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग की सचिव श्रुति ओझा से भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर प्रभावित परिवारों को तुरंत जरूरी मदद देने और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। मंत्री सीताक्का ने प्रशासनिक अमले को चेतावनी दी कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से यह आदेश दिया कि जिन-जिन इलाकों में विसर्जन जुलूस या समारोह आयोजित होते हैं, वहां बच्चों को खतरनाक जल स्रोतों और जलाशयों के पास जाने से रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू किए जाएं।



















