बिहार के गया जिले में सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन करने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बेलागंज प्रखंड के अंतर्गत आने वाली चिरैला पंचायत के मुखिया जितेंद्र कुमार यादव का कथित तौर पर आग्नेयास्त्र के साथ वीडियो इंटरनेट पर लगातार प्रसारित हो रहा है। इन दृश्यों में जनप्रतिनिधि हाथ में पिस्तौल थामे तरह-तरह की भाव-भंगिमाएं बनाते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही यह क्लिप सार्वजनिक मंचों पर तेजी से साझा होने लगी, पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
करीब एक सप्ताह से लगातार वायरल हो रहे थे वीडियो
चिरैला पंचायत के मुखिया जितेंद्र कुमार यादव से जुड़े ये संदिग्ध वीडियो पिछले करीब एक सप्ताह से इंटरनेट मीडिया पर लगातार तैर रहे थे। इंटरनेट पर मौजूद इन दृश्यों में मुखिया किसी आवासीय भवन की खुली छत पर टहलते हुए नजर आते हैं, जहां उनके हाथ में स्पष्ट रूप से एक पिस्तौल दिखाई दे रही है। वीडियो में वे उस हथियार के साथ अलग-अलग अंदाज में पोज देते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड करा रहे थे। स्थानीय स्तर पर इन वीडियो को देखने के बाद लोगों के बीच तीखी चर्चाएं शुरू हो गईं, जिसके उपरांत पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने मामले में तत्काल संज्ञान लिया।
वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बेलागंज थाने में प्राथमिकी दर्ज
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्पष्ट आदेश मिलने के बाद स्थानीय बेलागंज थाने में इस प्रकरण को लेकर विधिवत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बेलागंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने कानूनी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने जानकारी दी कि चिरैला पंचायत के मुखिया जितेंद्र कुमार यादव का हथियार के साथ कथित तौर पर सामने आया वीडियो पुलिस रिकॉर्ड और संज्ञान में आ चुका है। उच्चाधिकारियों के दिशानिर्देशों के तहत केस दर्ज करके विस्तृत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हथियार की असलियत और वीडियो के स्रोत की हो रही तकनीकी जांच
पुलिस की जांच टीम अब इस पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुट गई है। जांच के मुख्य बिंदुओं में वीडियो के वास्तविक स्रोत का पता लगाना और यह स्पष्ट करना शामिल है कि यह रिकॉर्डिंग कब और किस विशिष्ट स्थान पर की गई थी। इसके साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों के जरिए यह भी परखा जा रहा है कि फुटेज असली है या उसमें किसी तरह की डिजिटल छेड़छाड़ या संपादन किया गया है। बेलागंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी के अनुसार, दृश्य में दिख रहे व्यक्ति की औपचारिक पुष्टि, हाथ में मौजूद हथियार असली है अथवा नकली, और वीडियो शूट करने वाले व्यक्ति से संबंधित सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है। जांच पूरी होने पर सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।




















