बिहार के सीतामढ़ी जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति को उस वक्त गंभीर झटका लगा, जब सोनबरसा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहरवा गांव में एक विवाद को सुलझाने गई आपातकालीन पुलिस टीम पर भीड़ ने धावा बोल दिया। शुक्रवार देर रात घटित इस हिंसक वारदात में डायल 112 दल का नेतृत्व कर रहे सब इंस्पेक्टर पुनीत कुमार और उनके साथ मौजूद कई पुलिस जवान गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उपद्रवियों ने पुलिस की गश्ती गाड़ी को भी निशाना बनाते हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात बिगड़ते देख स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों को गांव में बुलाकर स्थिति पर काबू पाया।
विवाद सुलझाने पहुंची टीम पर अचानक शुरू हुआ पथराव और मारपीट
इस पूरे मामले की शुरुआत एक सामान्य विवाद से हुई थी। सोहरवा गांव में आपसी झगड़े के बाद एक ग्रामीण ने आपातकालीन सेवा डायल 112 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इस संकटकालीन कॉल का संज्ञान लेते हुए डायल 112 की गाड़ी तत्काल मौके पर रवाना हुई। गांव पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास शुरू किया। बातचीत के दौरान ही वहां एकत्रित कुछ ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। कुछ ही पलों में यह कहासुनी उग्र रूप धारण कर गई और असामाजिक तत्वों ने सरकारी दल पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
सरकारी वाहन में भारी तोड़फोड़ और कथित फायरिंग का वायरल दृश्य
हमलावरों ने न केवल जवानों को शारीरिक चोटें पहुंचाईं, बल्कि गश्ती वाहन को भी भारी नुकसान पहुंचाया। उपद्रवियों ने वाहन के आगे का विंडस्क्रीन और लुकिंग ग्लास चकनाचूर कर दिया तथा खिड़कियों और दरवाजों को पीट-पीटकर तोड़ डाला। इस हिंसक झड़प से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटते नजर आ रहे हैं जबकि आक्रामक भीड़ उनका पीछा कर रही है। दृश्य में दो राउंड गोली चलने जैसी तीव्र आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। हालांकि, गोलीबारी की असली वजह क्या थी और असलहा किसने चलाया, इसकी पुष्टि आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
घायल जवानों का अस्पताल में इलाज और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हमले में घायल हुए दारोगा पुनीत कुमार और अन्य जवानों को तुरंत घटनास्थल से निकालकर सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। इस झड़प के दौरान कुछ ग्रामीणों को भी हल्की चोटें आने की जानकारी मिली है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सोनबरसा थाना पुलिस के अलावा पड़ोसी थानों की टुकड़ियों और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। एएसपी आशीष आनंद ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का मुआयना किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरी जानकारी जुटाई।
सात लोग हिरासत में, अन्य उपद्रवियों की शिनाख्त जारी
घटना की जानकारी देते हुए एएसपी आशीष आनंद ने बताया कि डायल 112 की टीम मारपीट की सूचना पर गांव पहुंची थी, जहां उनके साथ अप्रत्याशित रूप से हिंसक व्यवहार किया गया। एएसपी के अनुसार अब तक सात संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम वीडियो फुटेज और गवाहों के आधार पर हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। गांव में दोबारा कोई तनाव न फैले, इसके लिए एहतियातन पुलिस और अर्धसैनिक बलों का कड़ा पहरा लगा दिया गया है और पूरे विवाद के मूल कारणों की तफ्तीश जारी है।



















