बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने आगामी दिवाली और छठ महापर्व के मद्देनजर सभी कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान त्योहारों से ठीक पहले सुनिश्चित करने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सूबे के सभी सरकारी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर हीला-हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के इस पावन अवसर पर किसी भीकर्मी को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है और संबंधित विभागों को फौरन जरूरी कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वेतन भुगतान पर जोर
शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, गृह विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग समेत कई अन्य विभागों में वेतन भुगतान की प्रक्रिया में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों और जिलाधिकारियों को यह सख्त हिदायत दी कि वे लंबित पड़े वेतन का भुगतान अतिशीघ्र पूरा करवाएं। वेतन से जुड़ी जरूरी कागजी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें, इसके लिए विभागों को जरूरत पड़ने पर शनिवार के दिन भी अपने कार्यालय खुले रखने का विशेष निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी कर्मचारी का भुगतान न अटके।
प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में सुधार और अतिरिक्त प्रयास
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव अमृत ने प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में और अधिक सुधार लाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। उनका कहना था कि सरकारी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए यदि अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत पड़े, तो अधिकारियों को पीछे नहीं हटना चाहिए। कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं और आंतरिक प्रक्रियाओं में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो और कामकाज पूरी गति से चलता रहे।
छठ महापर्व पर पूरे बिहार में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
वेतन भुगतान की तैयारियों के साथ-साथ राज्य सरकार ने लोक आस्था के महान पर्व छठ के अवसर पर पूरे बिहार में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी बड़ा निर्णय लिया है। यह विशेष अभियान आगामी 10 से 16 नवंबर तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान पारंपरिक लोकगीतों, विशेष प्रचार जिंगल और भव्य स्वागत द्वारों के जरिए इस महापर्व की अलौकिक दिव्यता और भव्यता को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। सरकार की इस अनूठी पहल का उद्देश्य प्रवासी बिहारियों और प्रदेशवासियों का पर्व के दौरान गर्मजोशी से स्वागत करना और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना है।
सार्वजनिक स्थलों और परिवहन केंद्रों पर गूंजेंगे छठ गीत
जागरूकता अभियान के तहत राज्यभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, हवाई अड्डों और पटना मेट्रो परिसरों में छठ के पारंपरिक और मनमोहक गीत तथा प्रचार जिंगल लगातार बजाए जाएंगे। इसके अलावा इन सभी महत्वपूर्ण आवागमन वाले स्थानों पर छठ महापर्व से जुड़े आकर्षक पोस्टर भी बड़े पैमाने पर लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को पर्व के माहौल का अहसास हो सके। सचिवालय के सभी कार्यालयों में केंद्रीय उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक दिन दोपहर एक बजे से दो बजे तक विशेष रूप से छठ गीत प्रसारित किए जाएंगे, जिससे कार्यालयीन माहौल भी पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों में सराबोर नजर आएगा।
प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती जिलों में बनेंगे भव्य स्वागत द्वार
आम जनता और बाहर से आने वाले पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं की सुविधा व स्वागत के लिए सरकार ने विशेष सजावट की योजना बनाई है। इसके तहत राज्य के सभी 18 सीमावर्ती जिलों के प्रवेश बिंदुओं के साथ-साथ अन्य सभी प्रमुख जिलों के प्रवेश मार्गों पर बेहद आकर्षक छठ स्वागत द्वार तैयार किए जाएंगे। इसके माध्यम से प्रदेश में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को महापर्व की भव्यता और बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी, जिससे पूरे राज्य में उत्सव का माहौल और अधिक प्रखर हो उठेगा।



















