बिहार की राजधानी पटना में छोटी दीपावली के दिन शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दीदारगंज थाना क्षेत्र के हीरानंदपुर गांव में जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों को गोली लग गई। यह सनसनीखेज वारदात शनिवार दोपहर के वक्त सामने आई।
ट्रैक्टर से जुताई के दौरान हुआ विवाद
घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, हीरानंदपुर गांव में एक खेत के अंदर ट्रैक्टर से जुताई का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के मालिकाना हक या कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि कुछ ही देर में स्थिति हिंसक हो गई और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू हो गई। इस गोलीबारी में भोला कुमार, सुधीर कुमार, कौशल कुमार और द्वारिका प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बदमाशों ने गोली का निशाना बनाया। दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
वारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सभी चारों घायलों को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया गया। फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है, हालांकि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी और अधिक विस्तृत मेडिकल अपडेट का इंतजार किया जा रहा है। इस पूरी घटना में कुल तीन लोगों पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शुरुआती तौर पर यह बात सामने आई है कि खेत में ट्रैक्टर चलाने और जुताई करने को लेकर यह विवाद उपजा था, लेकिन गोलीबारी किस परिस्थिति में हुई और इसके पीछे की असल वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पुलिस की जांच और इलाके में सुरक्षा चिंताएं
घटना की भनक लगते ही दीदारगंज थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस बल ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाते हुए अपनी छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि दोनों पक्षों के बीच जमीन का पुराना विवाद क्या था, गोलीबारी की इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी कौन-कौन लोग थे और इसके अन्य कानूनी पहलू क्या हैं। छोटी दीपावली जैसे बड़े पर्व के पावन अवसर पर दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने पटना की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच लगातार जारी है और ग्रामीण क्षेत्र के लोग पुलिस की आगामी कार्रवाई तथा आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की आस लगाए बैठे हैं।



















