सिनेमा जगत में रहस्य और रोमांच से भरपूर दृश्यम फ्रेंचाइजी ने दर्शकों के दिलों में एक खास मुकाम बनाया है, जहां मुख्य पात्र विजय सालगांवकर की भूमिका में अभिनेता अजय देवगन के सधे हुए अंदाज को खूब पसंद किया गया। इस फ्रेंचाइजी की कड़ी में आगे बढ़ते हुए दृश्यम: द कन्क्लूजन को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। इसी सिलसिले में फिल्म में विजय की पत्नी नंदिनी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री श्रेया सरन ने पर्दे के पीछे के कई अहम पहलू साझा किए हैं। उन्होंने सह कलाकार के तौर पर अजय देवगन के काम करने के सलीके, संवाद अदायगी और सिनेमा के प्रति उनके समर्पण को खुलकर रेखांकित किया।
संवाद अदायगी और आंखों से अभिनय की अनोखी ताकत
सह कलाकार के अभिनय की गहराई पर चर्चा करते हुए श्रेया सरन ने बताया कि अजय देवगन अपने भाव व्यक्त करने के लिए भारी भरकम संवादों के मोहताज नहीं होते। उनके मुताबिक, अजय अपनी आंखों के जरिए ही भावनाओं का गहरा असर पैदा कर देते हैं और उनकी नजरों में एक ऐसी खामोश ताकत मौजूद है जो किरदार के भीतरी जज्बातों को बिना लंबी बातचीत के सीधे सामने ले आती है। श्रेया ने यह भी रेखांकित किया कि अजय की संवाद अदायगी का अंदाज बिल्कुल जुदा है, जो उन्हें एक असाधारण कलाकार बनाता है।
सेट पर अनुशासन और एक टेक में शॉट पूरा करने की महारत
अदाकारा ने सेट पर अजय देवगन के काम करने के तौर तरीकों और अनुशासन की भी जोरदार सराहना की। उन्होंने बताया कि अपने काम को लेकर वह बेहद संजीदा रहते हैं और हर दृश्य में जान फूंकने के लिए पूरी ऊर्जा झोंक देते हैं। श्रेया के अनुसार, तैयारी और एकाग्रता के चलते उन्हें अक्सर दूसरे टेक की जरूरत ही नहीं पड़ती। काम के प्रति इस तरह का गहरा जुनून और पेशेवर रवैया पूरी टीम के लिए प्रेरक साबित होता है।
निर्देशक अभिषेक पाठक की तैयारी और कहानी के अनपेक्षित मोड़
अजय के साथ ही श्रेया सरन ने फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक के प्रयासों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देशक ने इस चर्चित फ्रेंचाइजी की कथावस्तु पर लंबा वक्त बिताया और पटकथा के हर बारीक पहलू को तराशने में गहरी मेहनत की। अभिषेक पाठक कहानी के हर मोड़ और पेचीदा घुमाव को गहराई से समझते हैं, ताकि उसे पर्दे पर उसी तीव्रता के साथ पेश किया जा सके।
अपने खुद के किरदार नंदिनी पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि वह इस चरित्र की सोच और उसके जज्बातों को भलीभांति पहचानती हैं। इसके बावजूद कहानी में कुछ ऐसे अप्रत्याशित बदलाव और नए मोड़ सामने आए, जिनकी उन्होंने पहले से बिल्कुल उम्मीद नहीं की थी।
परिवार की सुरक्षा का संघर्ष और बहुभाषी लोकप्रियता
दृश्यम की पूरी कथा विजय सालगांवकर द्वारा अपने परिवार को कानून और पुलिस के शिकंजे से सुरक्षित निकालने की जद्दोजहद के इर्द गिर्द घूमती है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी विजय बेहद नपे तुले कदम उठाकर अपने परिजनों की ढाल बनता है। दृश्यम: द कन्क्लूजन में अजय देवगन और श्रेया सरन के साथ तब्बू, जयदीप अहलावत, रजत कपूर, प्रकाश राज, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव जैसे मंझे हुए कलाकार भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
यह पूरी कहानी मूल रूप से इसी शीर्षक वाली मलयालम फिल्म का आधिकारिक हिंदी रूपांतरण है। इससे पहले इस प्रभावशाली कहानी को तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में भी पर्दे पर उतारा जा चुका है। हिंदी दर्शकों के बीच पिछली किश्तों की जबर्दस्त कामयाबी के बाद अब नई कहानी को लेकर गहरा कौतूहल बना हुआ है, जबकि दृश्यम: द कन्क्लूजन 2 अक्टूबर से सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए प्रदर्शित हो चुकी है।



















