मुंबई की मनोरंजन इंडस्ट्री में बौद्धिक संपदा अधिकार की बिक्री से जुड़ा एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। वर्ष 2007 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म धमाल के वितरण, डिजिटल मीडिया और कॉपीराइट्स की अवैध बिक्री के मामले में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक नवल कुमार ठाकरिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। अंधेरी पश्चिम स्थित वितरण फर्म ग्रैंड मास्टर के स्वामी विकास बलदेवराज साहनी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अंबोली पुलिस स्टेशन ने 17 अगस्त 2026 को आधिकारिक एफआईआर दर्ज कर गहन छानबीन शुरू कर दी है।
1.50 करोड़ रुपये के आधिकारिक सौदे का पूरा ब्योरा
विकास बलदेवराज साहनी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत पत्र के अनुसार, मारुति इंटरनेशनल नाम की प्रोडक्शन संस्था के साथ 15 अक्टूबर 2019 को एक लिखित समझौता किया गया था। इस अनुबंध के तहत संजय दत्त, अरशद वारसी और रितेश देशमुख स्टारर लोकप्रिय फिल्म धमाल के ऑल वर्ल्ड डिस्ट्रीब्यूशन, डिजिटल मीडिया अधिकार और संपूर्ण कॉपीराइट हमेशा के लिए 1.50 करोड़ रुपये की निश्चित राशि में ग्रैंड मास्टर को हस्तांतरित किए गए थे। उस समय मारुति इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिया था कि फिल्म के किसी भी अधिकार पर किसी तीसरे पक्ष का कोई मालिकाना हक या पूर्व अनुबंध मौजूद नहीं है।
ओटीटी अधिकारों के दोहरे सौदे और फर्जी दस्तावेज का मामला
व्यावसायिक समझौते के निष्पादन के बाद पीड़ित पक्ष को पता चला कि फिल्म के लाइफटाइम ओटीटी और डिजिटल राइट्स साल 2015 में ही शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड नाम की कंपनी को बेचे जा चुके थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इस छुपाई गई जानकारी पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने बॉन्ड पेपर पर एक फर्जी अनुबंध तैयार किया। अक्टूबर 2020 में शेमारू के साथ एक संशोधित समझौता पत्र पेश करके ग्रैंड मास्टर के कानूनी अधिकारों को दबाने का प्रयास किया गया।
सरकारी कॉपीराइट पंजीकरण और वित्तीय नुकसान
व्यावसायिक स्वामित्व साबित करने के लिए विकास साहनी ने जांच अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज सौंपे हैं। भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने सभी दस्तावेजों का गहन परीक्षण करने के पश्चात 28 अप्रैल 2023 को कॉपीराइट प्रमाण पत्र जारी किया था, जिसमें ग्रैंड मास्टर को फिल्म धमाल का वैध कॉपीराइट धारक दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, जनवरी 2020 में निर्माताओं ने संबंधित फिल्म लैब को एक औपचारिक पत्र लिखकर फिल्म की ओरिजिनल साउंड और पिक्चर नेगेटिव का पूर्ण मालिकाना हक ग्रैंड मास्टर के नाम स्थानांतरित किया था। इस दोहरे सौदेबाजी के कारण ग्रैंड मास्टर के अन्य प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ जारी व्यावसायिक समझौते रद्द हो गए, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक क्षति पहुंची। 2 जनवरी 2023 को भेजे गए कानूनी नोटिस का संतोषजनक उत्तर न मिलने के बाद अंततः पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।



















