बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर मायानगरी मुंबई में अपनी खास पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी आज हिंदी सिनेमा जगत के सबसे सम्मानित और प्रतिभाशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। अपनी कड़ी मेहनत, लगन और बेजोड़ अभिनय कला के दम पर उन्होंने फिल्म उद्योग में लगभग 170 करोड़ रुपये का विशाल साम्राज्य खड़ा किया है। भारत भर में लाखों युवा मुंबई जाकर अभिनेता बनने का सपना देखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही उस कठिन सपने को हकीकत में तब्दील करने में सफल हो पाते हैं। मनोज बाजपेयी की यह सफलता की कहानी देश के हर संघर्षशील कलाकार के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल मानी जाती है। हालांकि, अपार दौलत, शोहरत और सिनेमाई कामयाबी हासिल करने के बावजूद इस मशहूर अभिनेता के दिल में एक गहरा अफसोस छिपा हुआ है, जो उन्हें आज भी अंदर तक सताता रहता है।
महेश भट्ट संग वायरल वीडियो में छलका दिल का दर्द
इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मनोज बाजपेयी और प्रसिद्ध फिल्ममेकर महेश भट्ट के बीच हुई एक पुरानी बातचीत का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों दिग्गज हस्तियों के बीच जिंदगी के अहम पहलुओं और व्यक्तिगत अनुभवों पर विस्तार से चर्चा होती दिखाई दे रही है। इसी खास संवाद के दौरान मनोज बाजपेयी अपनी पेशेवर जिंदगी की चकाचौंध के पीछे छिपे सबसे बड़े पछतावे को बयां करते नजर आते हैं। उन्होंने निर्देशक महेश भट्ट के सामने यह स्वीकार किया कि अभिनय के क्षेत्र में अपने सपनों को पूरा करने की अंधी दौड़ में वह अपने परिवार से बहुत दूर चले गए थे। अपने करियर को संवारने की भारी कीमत उन्हें अपने परिवार के साथ मिलने वाले कीमती लम्हों को खोकर चुकानी पड़ी थी, जिसका मलाल उन्हें आज भी बेहद गहराई से होता है।
बीस सालों में मां के साथ दस दिन भी नहीं बिता पाने की कसक
फिल्म निर्देशक महेश भट्ट से अपने दिल की बात साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि सफलता की राह पर लगातार दौड़ते रहने के कारण वह अपने माता-पिता, विशेषकर अपनी मां के साथ पर्याप्त समय नहीं गुजार सके। उन्होंने अत्यंत भावुक होकर यह स्वीकार किया कि अपने 20 वर्षों के लंबे करियर के दौरान वह अपनी मां के साथ ठीक से 10 दिन भी नहीं बिता पाए थे। बॉलीवुड में अपना मुकाम हासिल करने की इस यात्रा में अपनों से बनी यह दूरी आज भी उनके मन में एक टीस बनकर उठती है। एक्टर के अनुसार, जब इंसान कामयाबी की बुलंदियों को छूने की कोशिश कर रहा होता है, तब अक्सर उसे अपने प्रियजनों से दूर रहना पड़ता है, लेकिन बाद में यही दूरी इंसान की जिंदगी की सबसे बड़ी कसक बन जाती है।
पहले स्क्रीन अवॉर्ड पर मां से मिला जिंदगी का बड़ा सबक
इसी पुरानी बातचीत के दौरान मनोज बाजपेयी ने अपनी मां से जुड़ी एक बेहद यादगार और प्रेरणादायक घटना का जिक्र भी किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें अपने करियर का पहला स्क्रीन अवॉर्ड मिलने वाला था, तब उन्होंने इस खास और गौरवशाली मौके का गवाह बनने के लिए अपने माता-पिता को मुंबई बुलाया था। उनके माता-पिता कुछ दिनों के लिए उनके साथ रहने आए थे। उसी दौरान अपनी मां के साथ हुई एक गहरी बातचीत को याद करते हुए एक्टर ने बताया कि उनकी मां ने उन्हें एक ऐसी महत्वपूर्ण सलाह दी थी, जिसने उनकी सोच को हमेशा के लिए बदल दिया। उनकी मां ने उनसे कहा था कि यदि किसी व्यक्ति को जीवन में सफलता नहीं मिलती है, तो इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि वह इंसान मूर्ख है। मनोज बाजपेयी कहते हैं कि मां की इस सीधी और व्यावहारिक बात को उन्होंने हमेशा के लिए अपने जीवन में संभाल कर रख लिया।
दिल्ली का मजेदार किस्सा और मां की बेबाक शख्सियत
अभिनेता ने दिल्ली में अपनी मां के साथ बिताए एक और बेहद दिलचस्प और मजेदार किस्से का जिक्र भी महेश भट्ट के साथ साझा किया था। उन्होंने बताया कि एक बार वह दिल्ली में अपनी मां के साथ रुके हुए थे। सुबह के वक्त पूरी तरह तैयार होने के बाद उन्होंने अपनी मां से बड़े उत्साह के साथ पूछा कि वह कैसे दिख रहे हैं। इस पर उनकी मां ने अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि जब इंसान को शोहरत और पैसा मिल जाता है, तब तो गधा भी खूबसूरत नजर आने लगता है। मां का यह बेबाक जवाब सुनकर मनोज खुद अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे। मां का यह रवैया उनके जमीन से जुड़े और निडर व्यक्तित्व को साफ तौर पर दर्शाता है। आज भी मनोज बाजपेयी अपने हर इंटरव्यू में अपनी मां का जिक्र बड़े गर्व से करते हैं और उनसे जुड़ी ऐसी ढेरों खूबसूरत यादें दुनिया के साथ बांटते हैं।



















