भारतीय सिनेमा के इतिहास में 2011 से 2017 तक का दौर एक ऐसे स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है, जब देश भर के थिएटरों पर केवल दो ही नाम गूंजते थे, सलमान खान और आमिर खान। इन सात वर्षों के दौरान ईद, दिवाली और क्रिसमस जैसे बड़े त्यौहारी मौकों पर इन दोनों अभिनेताओं की फिल्मों की रिलीज का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते थे। इस समयावधि में बॉलीवुड ने कमाई के मामलों में कई अभूतपूर्व कीर्तिमान रचे। एक ओर जहां सलमान खान ने अपनी हाई-वोल्टेज एक्शन और मास एंटरटेनर फिल्मों से सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स में भारी भीड़ जुटाई, वहीं दूसरी ओर आमिर खान ने लीक से हटकर बनाए गए कंटेंट, गंभीर अभिनय और अनोखे विषयों के बल पर घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाई के नए मानदंड स्थापित किए। इन दोनों दिग्गजों की कुल 12 फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में 200 करोड़, 300 करोड़ और 500 करोड़ रुपये जैसे ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस क्लबों की नींव रखी।
सलमान खान का आक्रामक स्टारडम और लगातार 8 ब्लॉकबस्टर फिल्में
साल 2011 से लेकर 2017 के मध्य सलमान खान का करियर अपने सबसे बुलंद मुकाम पर था। इस सात साल के अंतराल में उन्होंने अकेले ही 8 ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, जिन्होंने कमाई के पुराने सभी आंकड़ों को ध्वस्त कर दिया। 2011 में ईद के पावन पर्व पर आई 'बॉडीगार्ड' और इसके बाद रिलीज हुई 'रेडी' की अभूतपूर्व व्यावसायिक सफलता ने पूरे देश में सलमान खान की लोकप्रियता को नए शिखर पर पहुंचा दिया। दर्शकों ने इन फिल्मों का थिएटरों में जोरदार स्वागत किया।
अगले ही वर्ष 2012 में प्रदर्शित हुई स्पाई-थ्रिलर फिल्म 'एक था टाइगर' ने बॉलीवुड की प्रसिद्ध 'टाइगर फ्रैंचाइज' का बीज बोया। इसी साल रिलीज हुई 'दबंग 2' में उनके चुलबुल पांडे वाले अंदाज ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और स्टारडम को बरकरार रखा। वर्ष 2014 में आई धमाकेदार एक्शन फिल्म 'किक' सलमान खान के करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, क्योंकि इसी फिल्म के साथ उन्होंने पहली बार 200 करोड़ रुपये के बॉक्स ऑफिस क्लब में अपनी जगह बनाई।
साल 2015 में निर्देशक कबीर खान के निर्देशन में बनी फिल्म 'बजरंगी भाईजान' सिनेमाघरों में उतरी। इस फिल्म ने न केवल भारत में 300 करोड़ रुपये से अधिक की शानदार कमाई की, बल्कि इसमें सलमान खान के भावनात्मक और संवेदनशील अभिनय को समीक्षकों और दर्शकों दोनों की ओर से खूब सराहा गया। इसके पश्चात 2016 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर स्पोर्ट्स फिल्म 'सुल्तान' में एक पहलवान के रूप में उनके शक्तिशाली प्रदर्शन ने थिएटरों का माहौल किसी खचाखच भरे स्टेडियम जैसा बना दिया। 2017 के अंत में प्रदर्शित हुई 'टाइगर जिंदा है' ने 330 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक कारोबार करके बॉक्स ऑफिस पर उनके वर्चस्व को पूरी तरह से स्थापित कर दिया।
आमिर खान की गुणवत्ता-केंद्रित नीति और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सलमान खान के आक्रामक और निरंतर रिलीज के विपरीत आमिर खान का ध्यान हमेशा फिल्मों की संख्या से ज्यादा उनकी गुणवत्ता पर रहा। 2011 से 2017 के दौरान आमिर खान ने भले ही कम फिल्मों में काम किया, लेकिन जब भी उनकी कोई फिल्म बड़े पर्दे पर आई, उसने हिंदी सिनेमा के इतिहास को एक नया मोड़ दिया।
साल 2013 में आई 'धूम 3' ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर पहली बार 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने का कीर्तिमान बनाया। इसके बाद 2014 में रिलीज हुई 'पीके' ने भारतीय घरेलू बाजार में 300 करोड़ रुपये की शुद्ध कमाई करने वाली पहली फिल्म बनने का गौरव हासिल किया। आमिर की दूरदर्शी सोच का ही नतीजा था कि 2017 में रिलीज हुई 'सीक्रेट सुपरस्टार' ने, जिसमें उन्होंने एक विशेष भूमिका निभाई थी, चीन सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करके सबको हैरान कर दिया।
'दंगल' की 2000 करोड़ की अभूतपूर्व कमाई और उद्योग पर प्रभाव
साल 2016 के अंत में सिनेमाघरों में पहुंची आमिर खान की फिल्म 'दंगल' ने भारतीय फिल्म उद्योग के इतिहास में एक ऐसा पन्ना जोड़ दिया जिसे दोहराना बेहद कठिन है। नितेश तिवारी के कुशल निर्देशन में बनी इस स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म में आमिर खान ने हरियाणा के पहलवान महावीर सिंह फोगट का किरदार निभाया था। यह फिल्म भारत में तो जबरदस्त रूप से सफल रही ही, लेकिन चीनी बॉक्स ऑफिस पर इसने कमाई का एक अकल्पनीय तूफान ला दिया।
फिल्म 'दंगल' का ऑल-टाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन 2,000 करोड़ रुपये को पार कर गया। साल 2026 तक की स्थिति के अनुसार, भारत की कोई भी अन्य फिल्म इस 2,000 करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे आने वाले कई वर्षों तक तोड़ पाना लगभग असंभव नजर आता है।
2011 से 2017 का यह सात वर्षों का समय सिर्फ आंकड़ों या फिल्मों की गिनती तक सीमित नहीं था। इसने भारतीय फिल्म व्यापार के तौर-तरीकों को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया। इन 12 फिल्मों ने न केवल फिल्म निर्माताओं, वितरकों और सिनेमाघर मालिकों को बहुत बड़ा आर्थिक लाभ पहुंचाया, बल्कि दर्शकों को भी एक अविस्मरणीय सिनेमाई अनुभव प्रदान किया। यही वजह है कि 2011 से 2017 के दौर को हमेशा सलमान खान और आमिर खान के निर्बाध बॉक्स ऑफिस राज के रूप में याद किया जाएगा।



















