संगीत जगत के दिग्गज बप्पी लहरी के पोते और उभरते हुए गायक रेगो बी इन दिनों अपने नए ट्रैक 'चांद' को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं। इस खास अवसर पर उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए दादाजी के साथ बिताए पन्नों को ताजा किया है। रेगो का कहना है कि बप्पी दा के साथ मंच पर लाइव परफॉर्म करना उनके जीवन की सबसे कीमती और अमिट यादों में से एक है। जब वह महज 6 या 7 साल के थे, तब अपने दादाजी के साथ विभिन्न कॉन्सर्ट और परोपकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया करते थे। कई बार वह हजारों संगीत प्रेमियों की मौजूदगी में मंच पर उनके साथ सुर से सुर मिलाते थे।
बचपन के कॉन्सर्ट और भव्य मंचों की यादें
बप्पी दा के साथ अपने उन चुनिंदा पन्नों को पलटते हुए रेगो बी ने बताया कि उनकी शुरुआती जिंदगी की कई हसीन यादें उन्हीं लाइव मंचों से जुड़ी हुई हैं। वह अक्सर अपने दादाजी के बगल में खड़े होकर गाते थे, जबकि सामने करीब 20 से 30 हजार लोगों की भारी भीड़ मौजूद होती थी। उस छोटी सी उम्र में उन्हें इस बात का बिल्कुल अहसास नहीं होता था कि वह इतने बड़े दर्शक वर्ग के सामने कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, बप्पी दा के साथ मंच साझा करने की वह गजब की ऊर्जा और खुशी आज भी उनके जेहन में ताजा है। वह इन तमाम खट्टी-मीठी यादों को उम्रभर अपने साथ सहेजकर रखना चाहते हैं।
संगीत की तालीम और जीने के तरीके
गायक ने आगे बताया कि उनके दादाजी ने उन्हें महज़ सुरों की दुनिया ही नहीं सिखाई, बल्कि जिंदगी को सही ढंग से जीने के अनमोल तरीके भी सिखाए। संगीत के मोर्चे पर बात करें तो बप्पी दा ने उन्हें रियाज की गहराई, तालीम और एक्सप्रेशन की अहमियत गहराई से समझाई। इसके अलावा, वह गीत गाते वक्त हर एक शब्द के उच्चारण को बिल्कुल साफ रखने पर विशेष जोर देते थे। आज उनकी गायकी का जो अंदाज है, उसमें इन सभी पुरानी सीखों का बहुत बड़ा योगदान है।
जमीन से जुड़े रहने की सीख और नया सफर
संगीत के हुनर के अलावा बप्पी लहरी द्वारा दी गई सबसे बड़ी सीख को याद करते हुए रेगो ने बताया कि उनके दादा हमेशा नम्र, शांत और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सलाह देते थे। उनका साफ मानना था कि इंसान को चाहे जितनी भी बड़ी सफलता क्यों न मिल जाए, उसे कभी भी अपने मूल स्वभाव में अहंकार नहीं लाना चाहिए। वह हर तरह की विकट परिस्थिति में भी संयम और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखते थे। रेगो भी अपनी निजी जिंदगी में उन्हीं आदर्शों को अपनाने की पूरी कोशिश करते हैं।
17वें जन्मदिन का तोहफा और 'बच्चा पार्टी' की शुरुआत
गौरतलब है कि रेगो बी का नया गाना 'चांद' बीते 21 सितंबर को उनके 17वें जन्मदिन के मौके पर आधिकारिक तौर पर रिलीज किया गया है। इस गाने के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास मायने रखता है, क्योंकि इसमें उस अनूठे अहसास को दर्शाया गया है जब कोई शख्स अपनी दुनिया में एक ऐसे साथी की तलाश करता है जिसे वह पूरी शिद्दत से अपना कह सके। रेगो के अब तक के पांच साल के सफर में यह गाना एक बिल्कुल नया मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने महज 12 साल की उम्र में 'बच्चा पार्टी' जैसे ट्रैक से संगीत की दुनिया में कदम रखा था और अब 17 साल की दहलीज पर वह अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।



















